'पाकिस्तान में रची गई थी निंरकारी भवन पर हमले की साज़िश'

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अमृतसर के पास निरंकारी भवन पर हुए हमले की साज़िश पाकिस्तान में रची गई थी.

चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अमरिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस ने हमले में शामिल विक्रमजीत सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि ग्रेनेड फेंकने वाला अवतार सिंह नाम का दूसरा शख्स फिलहाल फ़रार है.

रविवार 18 सिंतबर को अमृतसर के पास एक निरंकारी भवन में ग्रेनेड हमला किया गया था. इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 19 लोग घायल हुए थे.

18 नंवबर को मोटरसाइकल पर सवार दो हमलावर निरंकारी भवन पहुंचे. उनमें से एक ने बाहर खड़े लोगों को बंदूक दिखाकर सवाल किए और दूसरे ने अंदर जाकर ग्रेनेड फेंका.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, "इस हमले की मास्टरमाइंड पाकिस्तान की आईएसआई है. इन दो लड़कों ने तो सिर्फ़ उस हमले को अंजाम दिया था. पुलिस ने बहुत ही अच्छा काम किया है और 72 घंटों के अंदर एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया. उसकी पूछताछ चल रही है. जल्दी ही ग्रेनेड फेंकने वाले को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा."

उन्होंने बताया कि धमाके में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकल को भी पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ये आतंकवाद का मामला है.

पंजाब के मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैसे पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि ये ग्रेनेड पाकिस्तान में बना है.

उन्होंने कहा, "ये ग्रेनेड पाकिस्तान से लाकर यहां बांटे जाते हैं. लोगों को कहा जाता है कि वो फलाने पेड़ के नीचे से जाकर उस ग्रेनेड को उठा लाएं. इस हमले में जो ग्रेनेड इस्तेमाल हुआ था वो भी उन लोगों को पेड़ के नीचे से मिला था. इसे मिट्टी के नीचे दबाकर रखा गया था. उन्हें कहा गया कि वो वहां से खोदकर ग्रेनेड निकाल लें और फेंक आएं."

"पाकिस्तान की आईएसआई ये सब कर रही है और हमें उनसे एक कदम आगे रहना होगा और हम उनसे आगे रहेंगे भी. मैं भरोसा दिलाता हूं कि पंजाब में ये सब नहीं होने दिया जाएगा. हमने आजतक कई हमलों को नाकाम किया है और आगे भी करते रहेंगे."

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर पंजाब पुलिस के डीजीपी को 72 घंटे के अंदर ये केस सुलझाने के लिए बधाई दी.

उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान की आईएसआई इस तरह के चरमपंथी हमले कर पंजाब में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है, लेकिन मेरी सरकार उनके ये मंसूबे कामयाब नहीं होने देगी."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)