पाकिस्तानः 15 साल की सिख बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार, दो लोग गिरफ़्तार

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- Author, उमर दराज़ नंगियाना
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लाहौर
पाकिस्तान के पंजाब सूबे के ननकाना साहब शहर में रहने वाले एक सिख परिवार का कहना है कि उनकी 15 साल की नाबालिग़ बेटी के साथ दो लोगों ने बलात्कार किया है.
परिवार का कहना है कि उनकी बेटी मानसिक रूप से असंतुलित है और बलात्कार करने वाले दोनों लोग रेसक्यू टीम के सदस्य थे.
ननकाना साहब सिटी पुलिस के अनुसार परिवार वालों की शिकायत पर रेसक्यू टीम नंबर 1122 के दो सदस्यों के ख़िलाफ़ बलात्कार का मुक़दमा दर्ज करके उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
बीबीसी से बातचीत के दौरान ननकाना साहब के पुलिस उपाधीक्षक मुजाहिद रज़ा का कहना है कि इस बात का फ़ैसला मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा कि बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है या नहीं.
उनके अनुसार, अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद फ़ॉरेंसिक टेस्ट के लिए बच्ची को लाहौर की फ़ॉरेंसिक साइंस एजेंसी भेज दिया गया है.
पुलिस उपाधीक्षक का कहना था कि इस काम में 15-20 दिन लग जाएंगे और तब तक दोनों अभियुक्त पुलिस हिरासत में रहेंगे.

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ननकाना साहब शहर से थोड़ी दूर
पुलिस का कहना है कि बच्ची की उम्र तो तक़रीबन 15 साल है लेकिन उसकी मानसिक हालत दो महीने के बच्चे जैसी है.
बच्ची के परिवार वालों का कहना है कि बच्ची रविवार की रात अपने घर से बाहरर निकल गई थी.
घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की तो उन्हें ननकाना साहब शहर से थोड़ी दूर सड़क किनारे खड़ी रेसक्यू टीम नंबर 1122 की एक एंबुलेंस में बच्ची मिली.
ननकाना साहब में स्थित सिख समाज के लोगों ने इस मामले की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया है.
कमिटी के एक सदस्य ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा, "बच्ची को तलाश करने वालों ने रेसक्यू टीम नंबर 1122 के लोगों को ऐम्बुलेंस का दरवाज़ा खोलने का कहा तो उन्होंने गाड़ी भगा दी."
"ननकाना साहब शहर से तक़रीबन तीन किलोमीटर दूर उन्होंने बच्ची को गाड़ी से फेंक दिया और फ़रार हो गए."
उनका कहना था कि बच्ची जिस हालत में पाई गई उसके जिस्म पर सिर्फ़ एक कमीज़ थी. बच्ची बोल भी नहीं सकती है इसलिए उसका बयान भी दर्ज नहीं किया जा सका.

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मेडिकल रिपोर्ट के बाद
डीएसपी मुजाहिद रज़ा का कहना है कि बाद में सिख समाज की शिकायत पर बच्ची के भाई का बयान लेकर बलात्कार का मुक़दमा दर्ज कर लिया गया और दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया.
अभियुक्तों ने पुलिस को बताया है कि बच्ची गाड़ी से टकरा गई थी जिसके बाद उन्होंने मेडिकल मदद के लिए बच्ची को ऐंबुलेंस में डाल दिया था.
लेकिन पुलिस अधिकारी का कहना है कि वो इस बात की जांच कर रहे हैं कि बच्ची गाड़ी से कैसे और कब टकराई, उसको क्या चोटें आईं और अगर उसे ऐंबुलेंस में डाला गया था तो फिर अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया.
पुलिस के अनुसार, इस बारे में और जानकारी मेडिकल रिपोर्ट के बाद मिल सकेगी.
दूसरी तरफ़ रेसक्यू टीम नंबर 1122 के प्रवक्ता फ़ारूक़ अहमद ने बीबीसी को बताया कि इस हवाले से शिकायत मिलने के साथ ही दोनों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की गई और उन्हें फ़ौरन निलंबित कर दिया गया है.

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पुलिस के हवाले
फ़ारूक़ अहमद के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दोनों अभियुक्तों को रेसक्यू सर्विस ने ख़ुद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया.
उनका कहना था कि उनकी संस्था इस मामले में चल रही जांच को किसी भी तरह प्रभावित नहीं करना चाहती है.
उनके अनुसार अगर ये भी साबित हो जाता है कि ये दोनों उस बच्ची के साथ बलात्कार करना तो दूर ऐसा इरादा भी रखते थे तो उन्हें नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया जाएगा.
फ़ारूक़ अहमद के अनुसार रेसक्यू टीम नंबर 1122 चौदह साल से काम कर रही है और ऐसा पहली बार हुआ है कि उसके किसी सदस्य पर इस तरह के आरोप लग हैं.
उनके अनुसार टीम के सदस्य रोज़ाना हज़ारों ऐसे लोगों को मदद पहुंचाते हैं और उनमें से कई लोग मानसिक रूप से बीमार होते हैं.
सिख बिरादरी का कहना है कि बच्ची का परिवार चंद साल पहले ख़ैबर पख्तूख्वाह से ननकाना साहब आकर बसा है.
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