सऊदी अरब के पास अब कितना बचा है तेल और कब तक चलेगा

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

    • Author, टीम बीबीसी हिंदी
    • पदनाम, नई दिल्ली

ईरान पर अमरीकी प्रतिबंध फिर से लगने के बाद सऊदी अरब दावा कर रहा है कि वो दुनिया की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी करने के लिए काफ़ी है. मतलब ईरान से लोग तेल आयात करना बंद भी कर दें तब भी सऊदी तेल की कमी नहीं होने देगा.

भारत पर भी अमरीका का दबाव है कि वो ईरान से तेल ख़रीदना बंद करे. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आख़िर सऊदी अरब के पास कितना तेल है और कब तक चलेगा?

पिछले पाँच दशकों से तेल विशेषज्ञों के लिए यह सवाल किसी रहस्य से कम नहीं है. तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज) को सऊदी की सरकार ने जो अनुमानित भंडार की जानकारी दी है उसके मुताबिक़ प्रमाणित तेल भंडार 266 अरब बैरल्स है. ओपेक ने 2015 में अपनी वार्षिक बुलेटिन में इसकी जानकारी दी थी.

अगर ये नंबर सही है तो औसत 1.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन उत्पादन के हिसाब से सऊदी का तेल भंडार अगले 70 सालों में ख़त्म हो जाएगा. लेकिन आधिकारिक आंकड़ों को लेकर पर्याप्त संदेह हैं.

इसकी वजह यह है कि 1987 में सऊदी ने अपना तेल भंडार 170 अरब बैरल्स बताया था, जिसे 1989 में बढ़ाकर 260 अरब बैरल्स कर दिया था.

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

स्टटिस्टिकल रिव्यू ऑफ़ वर्ल्ड एनर्जी 2016 की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी 94 अरब बैरल्स तेल बेच चुका है या खर्च कर चुका है, फिर भी आधिकारिक रूप से उसका भंडार 260 से 265 अरब बैरल्स ही है.

अगर सरकार का डेटा सही है तो इसका मतलब यह हुआ कि सऊदी ने तेल के नए ठिकाने खोजे हैं या फिर अनुमानित भंडार को ही बढ़ा दिया है.

अनुमानित भंडार को बढ़ाने का एक आधार यह हो सकता है कि जिन ठिकानों से तेल का उत्पादन हो रहा है वहीं और तेल है या फिर अब तक जितने तेल निकाले गए हैं उसकी आपूर्ति फिर से हो गई है.

लेकिन सऊदी में 1936 से 1970 के बीच ही तेल भंडार के विशाल और बेशुमार ठिकानों की खोज की गई है. इसके बाद इसकी तुलना में सऊदी में तेल के नए ठिकानों की खोज नहीं की गई है.

समस्या यह है कि जहां-जहां तेल उत्पादन हो रहा है उसका लेखा-जोखा और अनुमानित भंडार सरकार काफ़ी गोपनीय रखती है. इसकी जानकारी भीतर के एक गिने-चुने लोगों की होती है.

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

ऐसे में किसी भी तथ्य की पुष्टि करना असंभव सा लगता है. तेल विश्लेषकों की विश्वसनीयता पर भी यह सवालिया निशान है कि वो इस बात को बताने की हालत में नहीं हैं कि सऊदी में तेल उत्पादन कब गिरना शुरू होगा.

सऊदी अभी सबसे ज़्यादा तेल का उत्पादन कर रहा है. इससे उस भविष्यवाणी को झटका लगा है जिसमें बताया गया था कि सऊदी का तेल उत्पादन शिखर पर जाने के बाद नीचे आ जाएगा.

अनुमानित भंडार

भविष्य में तेल उत्पादन की क्षमता को जानने के लिए अलग-अलग तरीक़े हो सकते हैं. इससे भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि तेल इंडस्ट्री में कितने लोग काम कर रहे हैं.

तेल भंडार को समझने के लिए एक ज़रिया यह भी है कि उत्पादन शुरू होने से पहले तेल का ख़ज़ाना कितना बड़ा था. उत्पादन शुरू होने से पहले तेल ख़ज़ाने का मतलब ओरिज़नल ऑइल इन प्लेस (ओओआईपी) से है.

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

1970 के दशक में इस बात को लेकर व्यापक सहमति थी कि सऊदी अरब ने 530 अरब बैरल्स की ओओआईपी की खोज की थी.

अनुमानित ओओआईपी की जानकारी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीति पर अमरीकी सीनेट की उपसमिति को सऊदी अरब और अमरीका की तेल कंपनी अरामको की तरफ़ से दी गई थी.

अरामको तब चार अमरीकी तेल कंपनी एक्सोन, टेक्साको, सोशल और मोबिल और सऊदी की साझी कंपनी थी. ऐसे में तेल भंडार की अहम जानकारियों को साझा किया जाता था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अमरीकी सीनेट की इस उपसमिति की रिपोर्ट क़रीब 40 साल पुरानी है पर इसमें तेल भंडार को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई है.

1979 में अमरीकी सीनेट में पेश की गई इस जानकारी को अंतिम सार्वजनिक जानकारी के तौर पर देखा जाता है.

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

लेकिन संपूर्ण ओओआईपी का उत्पादन संभव नहीं हो पाता है. ऐसे में तेल विश्लेषकों ने ओओआईपी के उत्पादन की कई कैटिगरी बनाई है. इसका आधार तकनीकी और आर्थिक है. तेल भंडार को कई श्रेणियों में बांटा गया है. पहला है प्रमाणिक भंडार.

प्रमाणिक भंडार को लेकर सबसे ज़्यादा विश्वास होता है. इसके बारे में जो अनुमान लगाया जाता है वो लगभग सही साबित होता है. तकनीकी और आर्थिक रूप से यह ज़्यादा मुकम्मल होता है. इसमें तेल मिलने की संभावना 90 फ़ीसदी होती है.

दूसरा है संभावित रिज़र्व. संभावित श्रेणी वाले तेल भंडार में अटकलें और आशा एक साथ होती हैं. इसमें अनुमानित तेल और व्यावसायिक रूप के उत्पादन की संभावना महज 10 फ़ीसदी होती है.

1970 के दशक के आख़िरी सालों में अरामको ने प्रमाणिक तेल भंडार 110 अरब बैरल्स बताया था. इसके साथ ही प्रत्याशित और संभावित भंडार क्रमशः 178 अरब बैरल्स और 248 अरब बैरल्स बताया था. 1970 के दशक में अरामको और उसके पार्टनर्स के बीच उत्पादन की श्रेणियों को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था.

क्राउन प्रिंस सलमान

इमेज स्रोत, Getty Images

प्रमाणि या संभावित?

1980 से सऊदी अरब के पास अरामको का स्वामित्व है. 1982 से कंपनी के पास तेल भंडार के फील्ड को लेकर जो जानकारी होती थी, उसे गोपनीय बना दिया गया. आगे चलकर सऊदी अरब ने ओपेक को प्रमाणिक भंडार के बारे में जानकारी साझा करना शुरू किया.

सऊदी ने ओपेक को प्रमाणिक तेल भंडार 168-170 अरब बैरल्स बताया था. सऊदी का यह आँकड़ा अरामको ने अपने पार्टनर्स को कुछ साल पहले जो दिया था, उससे ज़्यादा है. अरामको ने प्रमाणिक तेल भंडार 110 अरब बैरल्स बताया था. लेकिन अरामको ने संभावित तेल भंडार की जानकारी जो अमरीकी सीनेट को दी थी, उसके यह क़रीब है. आंकड़ों में असामनता से कई सवाल उठते हैं.

1988/89 में प्रमाणिक तेल भंडार एक बार फिर से ज़्यादा करके 260 अरब बैरल्स बताया गया. ऐसा तब हुआ जब कोई नए तेल भंडार की खोज नहीं की गई.

यह आंकड़ा अरामको ने अपने पार्टनर्स को जो दिया था, उससे बहुत ज़्यादा था, लेकिन 1970 के दशक में संभावित तेल भंडार का आंकड़ा 248 अरब बैरल्स था, उससे यह ज़्यादा नहीं था.

ऐसे में सवाल उठने लगा कि क्या सऊदी ने तेल भंडार को बढ़ाकर दिखाने के लिए संभावित भंडार को प्रमाणिक भंडार बता दिया?

द सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स और यूएस सिक्यॉरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन ने तेल भंडार की श्रेणी को पारिभाषित किया है. हालांकि यह स्पष्ट है कि सऊदी अरामको ने ओपेक को प्रमाणिक तेल भंडार की जो जानकारी दी है वो इसी परिभाषा के तहत है.

इस पर भरोसा नहीं करने का कोई विकल्प नहीं है क्योंकि बाहरियों के लिए जानकारी गोपनीय है और इसकी प्रमाणिकता को जांचने का कोई रास्ता नहीं है.

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

तेल भंडार का विकास

यह कोई असामान्य बात नहीं है कि कोई भी देश शुरू में अनुमानित तेल भंडार से ज़्यादा तेल का उत्पादन करता है. नए तेल और गैस भंडारों की खोज से कुल तेल भंडार में बढ़ोतरी होती है. ज़ाहिर है इससे अनुमानित भंडार में भी बढ़ोतरी होती है.

तेल भंडार को लेकर कोई अनुमान स्थिर नहीं रह सकता. कई बार प्रत्याशित तेल भंडार संभावित की श्रेणी में आ जाते हैं और आख़िर में प्रमाणिक बन जाते हैं. लेकिन सऊदी के साथ दिक़्क़त यह है कि वो 1980 के दशक से ही 265 अरब बैरल्स के आसपास है.

अरामको के शेयर को बेचने पर सऊदी में विवाद

सऊदी अरामको के शेयर को स्टॉक मार्केट में लाने पर विचार कर रहा है. पांच फ़ीसदी शेयर निवेशकों को देने की बात कही जा रही है. अगर अरामको शेयर बाज़ार में लिस्टिंग के नियमों का पालन करती है तो उसे तेल भंडार के बारे में जानकारी को साझा करना होगा.

हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि आरामको के शेयर बाज़ार में आने के बाद भी ज़्यादा पारदर्शिता की उम्मीद नहीं की जा सकती है. सऊदी में तेल का भंडार कितना है और कब तक चलेगा, यह अब भी रहस्य बना हुआ है.

रिस्टड एनर्जी एक जानी-मानी कंसल्टेंसी है और इसका कहना है कि सऊदी के पास प्रमाणिक तेल भंडार 70 अरब बैरल्स है और प्रत्याशित, संभावित 120 अरब बैरल्स है.

रॉयटर्स का कहना है कि अगर नए तेल भंडारों की खोज होती है तो कुल तेल भंडार 168 और 212 अरब बैरल्स के बीच हो सकता है. हालांकि ये सारे आंकड़े सऊदी के आधिकारिक आंकड़ों से कम हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)