सऊदी अरब ने पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी के शव का क्या किया?

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सऊदी अरब के पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या के मामले में तुर्की पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है.
तुर्की के अधिकारियों का मानना है कि ख़ाशोज्जी के शव को बेलग्रेड जंगल या इसके पास की ज़मीन में दफ़नाया गया होगा.
सऊदी अरब के पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी दो अक्टूबर को तुर्की में सऊदी के वाणिज्य दूतावास से लापता हो गए थे.
सऊदी अरब ने आख़िरकार ये बात मान ली है कि पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी दो अक्टूबर को तुर्की के इस्तांबुल स्थित उसके वाणिज्य दूतावास में ही मारे गए थे.
सऊदी अरब के सरकारी टीवी चैनल ने शुरुआती जांच के हवाले से बताया है कि ख़ाशोज्जी की दूतावास के भीतर बहस हुई थी और उसके बाद एक झगड़े में वह मारे गए.
अब सबसे अहम सवाल ये उठता है कि सऊदी अरब ने जब यह मान लिया है कि ख़ाशोज्जी उसके दूतावास में ही मारे गए थे तो उनका शव कहां है?
बीबीसी को पता चला है कि इस्तांबुल स्थित बेलग्रेड के जंगल में खोज चल रही है, क्योंकि सूत्रों के मुताबिक़ संदिग्ध हत्या के दिन कम से कम दो गाड़ियां उसी दिशा में गई थीं.

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इस बीच, तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक़ सऊदी अरब वाणिज्य दूतावास में कार्यरत सऊदी के 15 लोगों से पूछताछ की जा रही है.
अनाडोलू के मुताबिक़ गवाही देने वालों में राजदूत के ड्राइवर, रिसेप्शनिस्ट, तकनीशियन और अकाउंटेंट्स शामिल हैं.

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जमाल ख़ाशोज्जी का क्या हुआ?
ख़ाशोज्जी बीते एक साल से अमरीका में रह रहे थे. वो अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट के लिए कॉलम लिखते थे. वो अपनी मंगेतर हदीजे जेनगीज़ से शादी करने के लिए कुछ ज़रूरी पेपरवर्क के लिए दो अक्टूबर को तुर्की स्थित सऊदी दूतावास गए थे और फिर उन्हें बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया.

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ख़ाशोज्जी की हत्या के सबूत?
तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास वो सबूत हैं, जिससे यह पता चलता है कि ख़ाशोज्जी की सऊदी अरब के एजेंट्स की एक टीम ने हत्या की है.
तुर्की के सरकार में क़रीबी संपर्क रखने वाले अख़बार ने कथित ऑडियो के भयानक डिटेल्स छापे हैं, इस ऑडियो में पूछताछ और यातना दिए जाने के दौरान ख़ाशोज्जी की चीखों की आवाज़ आने का दावा किया गया है.
इस बीच, तुर्की के मीडिया का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध सऊदी एजेंटों की एक 15 सदस्यीय टीम की पहचान की है जो ख़ोशोज्जी के गायब होने के दिन इस्तांबुल से बाहर निकल गई थी.
तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि ये ग्रुप अपने साथ एक बोन कटर लेकर इस देश में आया था और ग्रुप का एक सदस्य पोस्टमॉर्टम के बाद के कामों का विशेषज्ञ डॉक्टर था.

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सीसीटीवी कैमरे में कई गाड़ियों
सीसीटीवी फ़ुटेज से पता चला कि ख़ाशोज्जी के वाणिज्य दूतावास में आने के महज दो घंटे बाद ही सऊदी राजनयिकों के नंबर वाली कई गाड़ियां बाहर गईं.
हालांकि, रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक नहीं किया गया है. साथ ही तुर्की के विदेश मंत्री का ये भी कहना है कि ऑडियो को किसी के साथ साझा नहीं किया गया है.
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अमरीकी मीडिया रिपोर्ट्स में आई इस बात को ख़ारिज कर दिया है कि उन्होंने ये ऑडियो सुने हैं. उन्होंने कहा, "मैंने न तो कोई टेप सुने और न ही कोई ट्रांसक्रिप्ट देखे हैं."
उन्होंने कहा, "यह एक बहुत ही गंभीर मामला है और हम इस पर पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं. इसलिए झूठी हेडलाइन चलाना किसी लिए अच्छा नहीं है."

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क्या तुर्की के सबूत विश्वसनीय हैं?
कुछ ख़ुफ़िया विशेषज्ञ कहते हैं कि उनका मानना है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग के बारे में तुर्की के दावे सच हैं.
ब्रिटिश विदेशी ख़ुफ़िया सेवा एमआई6 के पूर्व प्रमुख सर जॉन सावर ने बीबीसी की वर्ल्ड एट वन को बताया, "तुर्की से सुरक्षा स्रोतों से जो डिटेल आ रहे हैं वो इतने स्पष्ट और ठोस लग रहे हैं कि कोई न कोई टेप ज़रूर मौजूद लगता है."
उन्होंने कहा, "सारे सबूत इशारा कर रहे हैं कि इस हत्या के लिए आदेश (सऊदी क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान की ओर से आया है."
वो कहते हैं, "मुझे लगता है कि यह उन्हें भली भांति पता है कि अमरीकी प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार चलने का लाइसेंस दे रखा है, तभी उन्होंने ऐसा किया होगा."
जमाल ख़ाशोज्जी का गुम होनाः कब, क्या हुआ?
2 अक्तूबर
03:28 तड़के: संदिग्ध सऊदी एजेंट्स वाला एक प्राइवेट जेट इस्तांबुल हवाई अड्डे पर आता है. दोपहर बाद एक और प्लेन उतरता है.
12:13: कथित रूप से कुछ सऊदी एजेंट्स को लेकर वाणिज्य दूतावास में आ रही गाड़ियों को फ़िल्माया जाता है.
13:14: ख़ाशोज्जी बिल्डिंग में घुसते हैं, यहां वो अपनी शादी से पहले कुछ क़ाग़ज़ात लेने आए हैं.
15:08: गाड़ियां वाणिज्य दूतावास से बाहर निकलती हैं और पास ही स्थित वाणिज्यदूत के घर पर पहुंचती हैं.
21:00: दोनों जेट रात 9 बजे तुर्की से चले जाते हैं.
3 अक्तूबर
तुर्की सरकार ने घोषणा की कि ख़ाशोज्जी लापता हैं. अब तक यह माना जाता रहा कि वो तुर्की के वाणिज्य दूतावास में ही हैं.
4 अक्तूबर
सऊदी अरब ने कहा कि वो वाणिज्य दूतावास से जा चुके थे.
7 अक्तूबर
तुर्की के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि उनका मानना है कि ख़ाशोज्जी की वाणिज्य दूतावास में ही हत्या हो गई है. बाद में सऊदी अरब ने इसका ज़ोरदार खंडन किया.
13 अक्तूबर
तुर्की के अधिकारियों ने बीबीसी अरबी को बताया कि उनके पास ख़ाशोज्जी की हत्या के ऑडियो और वीडियो सबूत हैं. स्थानीय मीडिया में पहले से इस तरह के सबूतों के होने का दावा किया जा रहा था.
15 और 17-18 अक्तूबर
फॉरेंसिक टीम वाणिज्य दूतावास में तलाशी ली. साइंटिफ़िक नमूनों का ख़ाशोज्जी के डीएनए के साथ मिलान के लिए परीक्षण किया जा रहा है.
(जमाल ख़ाशोज्जी मामले में अब तक जो हमें पता है)
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