परमाणु कार्यक्रम पर अमरीकी कदमों से भड़का उत्तर कोरिया

माइक पोम्पियो और री योंग हो

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सिंगापुर में एक बैठक के लिए पहुंचे अमरीकी प्रतिनिधिमंडल अपने साथ उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन के लिए एक ख़ास चिट्ठी ले कर आया था.

साउथ-ईस्ट एशियन सिक्योरिटी फोरम के दौरान डोनल्ड ट्रंप की लिखी ये चिट्ठी उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो को सौंपी गई.

इस चिट्ठी में क्या लिखा है, इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है.

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार व्हाइट हाउस की प्रवक्ता हीथर नूआर्ट का कहना है कि किम जोंग-उन ने ट्रंप के लिए जो चिट्ठी लिखी थी ये उसी का जवाब है.

सम्मेलन में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने अमरीका की आलोचना की और कहा कि उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंध लगाने की अमरीका की मांग सही नहीं है.

री योंग हो अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के दिए बयान का उत्तर दे रहे थे. माइक पोम्पियो ने दूसरे देशों से अपील की थी कि उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए जाएं ताकि उस पर दवाब बना रहे.

री योंग हो, डोनल्ड ट्रंप की चिट्ठी लेते हुए

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उत्तर कोरिया के वादों का क्या हुआ?

इसी साल जून में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच एक अहम बैठक हुई थी जिसके बाद उत्तर कोरिया ने कहा था कि वो अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाएगा और अपने परमाणु परीक्षण स्थल ध्वस्त करेगा.

लेकिन उत्तर कोरिया अपना वादा निभाने में कितना सफल हुआ है इसके बारे में पुख्ता तौर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

हाल में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर आगे बढ़ रहा है.

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किम जोंग-उन और डोनल्ड ट्रंप

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सिंगापुर में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में माइक पोम्पियो ने कहा था कि ये ज़रूरी है कि उत्तर कोरिया पर "कूटनीतिक और आर्थिक" दवाब बनाए रखा जाए ताकि " निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सके."

फिलहाल अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के कारण उत्तर कोरिया कई तरह के अंतरराष्ट्रीय और अमरीकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है.

माइक पोम्पियो ने रूस का नाम न लेते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी देश उत्तर कोरिया पर लगाए प्रतिबंधों का सम्मान करेंगे.

हाल में इस तरह की ख़बरें आई थीं कि रूस ने प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है और हज़ारों उत्तर कोरियाई मज़दूरों को अपने देश में आने की इजाज़त दी है. रूस ने इन आरोपों से इनकार किया है.

माइक पोम्पियो के बयान के उत्तर में री योंग हो ने कहा कि उत्तर कोरिया इस साल सिंगापुर में हुई मुलाक़ात के दौरान किए गए अपने वादे पर कायम है.

उन्होंने कहा, "ये चिंता का विषय है कि अमरीका अपने पुराने रुख़ पर वापस लौटना चाहता है हालांकि उसके नेता ऐसा नहीं चाहते."

सिंगापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान री योंग हो और माइक पोम्पियो थोड़े वक्त के लिए मिले. उन्होंने हाथ मिलाया और कुछ बात की.

शनिवार को हुई इस बैठक में अमरीकी प्रतिनिधिमंडल ने किम जोंग-उन के लिए डोनल्ड ट्रंप की लिखी एक चिट्ठी भी सौंपी. इस चिट्ठी में क्या लिखा है, इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है.

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