उर्दू प्रेस रिव्यू: ''पहली बार एक ताक़तवर आदमी को सज़ा मिली''

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने वाले हैं. इसलिए सारे अख़बारों में चुनाव से जुड़ी ख़बरें ही इस हफ़्ते में सुर्ख़ियां बटोरती रहीं.
लेकिन, शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी क़रार दिए जाने के बाद उनसे जुड़ी ख़बरें अख़बारों में जगह पाने लगीं.
सबसे पहले बात करते हैं नवाज़ शरीफ़ की.
नवाज़ शरीफ़ को अदालत ने पहले ही भ्रष्टाचार का दोषी पाया था और उन्हें प्रधानमंत्री के पद से हटना पड़ा था. लेकिन, शुक्रवार को अदालत ने न सिर्फ़ उन्हें बल्कि उनकी बेटी और दामाद को भी भ्रष्टाचार का दोषी पाया.
अख़बार 'जंग' के मुताबिक़ नेशनल एकाउंटेबिलीटी ब्यूरो (नैब) यानी भ्रष्टाचार निरोधी अदालत ने नवाज़ शरीफ़, उनकी बेटी मरियम नवाज़ और दामाद कैप्टन सफ़दर को आय से अधिक सम्पत्ति जमा करने का दोषी पाया है.

इमेज स्रोत, Getty Images
दरअसल, शरीफ़ परिवार के नाम पर लंदन में एवेनफ़ील्ड अपार्टमेंट है. इसे मामले में उनपर मुक़दमा चल रहा था.
अदालत ने नवाज़ शरीफ़ को दस साल, मरियम नवाज़ को सात साल और दामाद कैप्टन सफ़दर को एक साल की सज़ा सुनाई है. नवाज़ शरीफ़ को 80 लाख पाउंड और मरियम नवाज़ को 20 लाख पाउंड का जुर्माना भी देना होगा.
नवाज़ शरीफ़ इस समय लंदन में हैं, जहां उनकी पत्नी कुलसुम नवाज़ का इलाज चल रहा है. मरियम नवाज़ भी लंदन में हैं. अख़बार जंग के मुताबिक़ मरियम नवाज़ ने कहा है कि वो अपने पिता के साथ 13 जुलाई को लाहौर वापस आएंगी.
अदालत के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मरियम नवाज़ ने कहा कि अदालती फ़ैसला हास्यास्पद है और सुनी सुनाई बातों पर आधारित है.
मरियम के अनुसार अदालत ने नवाज़ शरीफ़ को न तो भ्रष्टाचार का और न ही मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी पाया है फिर भी सज़ा सुना दी है.

इमेज स्रोत, EPA
'25 जुलाई को जनता फैसला'
नवाज़ शरीफ़ के भाई शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि 25 जुलाई को जनता अपना फ़ैसला सुनाएगी.
अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि नैब, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ और पीपीपी उनकी पार्टी मुस्लिम लीग (नून) के ख़िलाफ़ एकजुट हो गए हैं.
अख़बार 'दुनिया' के अनुसार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने कहा है कि पहली बार एक ताक़तवर आदमी को सज़ा मिली है.
पूर्व राष्ट्रपति और पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी का कहना है कि इस अदालती फ़ैसले का वक़्त ग़लत है, इससे नवाज़ शरीफ़ की पार्टी को सियासी लाभ होगा.
इसके अलावा चुनावी तैयारियों से जुड़ी ख़बरें सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर छपती रहीं.

इमेज स्रोत, ASIF HASSAN/AFP/GETTY IMAGES
इमरान ख़ान का हमला
अख़बार 'एक्सप्रेस' के अनुसार इमरान ख़ान ने एक चुनावी रैली में पीपीपी और मुस्लिम लीग(नून) दोनों की जमकर आलोचना की.
इमरान ख़ान ने कहा कि 25 जुलाई को अवाम एक नया पाकिस्तान देखेगी. उनका कहना था, ''नवाज़ शरीफ़ को 30 हज़ार करोड़ का हिसाब देना है. बिलावल भुट्टो कभी एक किलोमीटर पैदल नहीं चले और प्रधानमंत्री बनने की तैयारियां कर रहे हैं. मरियम नवाज़ ने कभी एक घंटा काम नहीं किया है लेकिन प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं.''
एक महत्वपूर्ण बयान में मुस्लिम लीग (नून) के अध्यक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान इस समय जिन समस्याओं से जूझ रहा है उनका समाधान राष्ट्रीय सरकार बनाकर ही किया जा सकता है.
अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ कराची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शहबाज़ शरीफ़ का कहना था, ''अगर हम अगला चुनाव जीतते हैं तो फिर भी हम राष्ट्रीय सरकार बनाने की पहल करेंगे. लेकिन, अगर किसी और पार्टी की सरकार बनती है तो हम उसका पूरा समर्थन करेंगे.''
हालांकि, शहबाज़ शरीफ़ ने इस बात को भी स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रीय सरकार गठन करने का प्रस्ताव उनकी अपनी राय है और ये पार्टी का फ़ैसला नहीं है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












