You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
अमरीका के टेक्सस में हुई गोलीबारी में पाकिस्तानी छात्रा की मौत
अमरीका के टेक्सस राज्य के एक हाई स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में पाकिस्तान की एक छात्रा की भी मौत हुई है.
ह्यूस्टन से लगभग 50 किलोमीटर दूर सैंटा फी हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में 10 लोगों की मौत हुई और इतने ही लोग घायल भी हो गए.
इस घटना के बाद संदिग्ध हमलावर के रूप में स्कूल के ही एक 17 वर्षीय छात्र दिमित्रोस पगोर्त्ज़िस को हिरासत में लिया गया है.
वॉशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के दूतावास ने पुष्टि की है कि मारे गए छात्रों में पाकिस्तान की सबिका शेख़ भी शामिल हैं.
मरने वालों में एक अध्यापिका भी हैं जिनका नाम सिंथिंया टिस्डेल बताया गया है.
टिस्डेल के क़रीबी रिश्तेदारों ने इस समाचार की पुष्टि की है.
पाकिस्तानी छात्रा 18 वर्षीय सबिका शेख़ एक एक्सचेंज स्टूडेंट के तौर पर अमरीका गई हुई थीं. उन्हें केनेडी-लुगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम (YES) के तहत भेजा गया था.
यह प्रोग्राम अमरीका के विदेश मंत्रालय की तरफ से चलाया जाता है. इसे 11 सितम्बर, 2001 में हुए हमलों के बाद शुरू किया गया, जिसका मकसद मुस्लिम बहुल राष्ट्र और अमरीका के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान करना है.
सबिका के माता-पिता फराह शेख़ और अब्दुल अज़ी़ज़ ने बीबीसी को बताया कि उन्हें इस गोलीबारी के बारे में टीवी के ज़रिए पता चला.
उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन से बात करने पर उन्होंने एक घंटे के अंदर बेटी की मौत की पुष्टि कर दी थी. उनकी बेटी का शरीर अगले हफ़्ते उनके घर कराची भेज दिया जायेगा.
इस हमले में मरने वालों में ज़्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं, जिनकी शिनाख़्त टेक्सस के अधिकारियों द्वारा शनिवार के बाद करने की उम्मीद है.
संदिग्ध हमलावर दिमित्रोस पगोर्त्ज़िस को हत्या के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है. उनके पास कथित तौर पर उनके पिता की लाइसेंसी शॉटगन और एक रिवॉल्वर थी.
हमले के समय क्या हुआ था?
छात्रों का कहना है कि शुक्रवार सुबह 8 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे) से थोड़ा पहले हमलावर ने एक आर्ट क्लास में प्रवेश किया और गोलीबारी शुरू कर दी. उस समय स्कूल में 1,400 छात्र मौजूद थे.
ब्रेना क्वांटेनिला नाम के एक छात्र ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि पगोर्त्ज़िस क्लास में आए और उसने एक छात्र पर निशाना साधते हुए कहा कि ''मैं तुम्हें मारने जा रहा हूं.''
इस दौरान जब क्वांटेनिला वहां से बचकर भागने लगे तो उनके पैर में चोट लग भी गई.
पुलिस को संदिग्ध की डायरी, कंप्यूटर, मोबाइल से भी कई अहम जानकारियां मिली हैं. जिनसे पता चला है कि हमलावर ने हमले की योजना बनाई और हमले के बाद वह ख़ुद को भी मारना चाहता था.
टेक्सस के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि हमलावर किशोर ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया क्योंकि उसमें आत्महत्या करने की हिम्मत नहीं थी.
एबॉट ने यह भी कहा कि स्कूल से कई तरह के विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं. यह स्कूल ह्यूस्टन से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है. उन्होंने आगे बताया कि उनमें एक ''सीओ2 डिवाइस'' और ''मोलोटोव कॉकटेल'' भी शामिल है.
गन वॉयलेंस आर्काइव के मॉनिटरिंग समूह के अनुसार, अमरीका में गोलीबारी की घटनाओं से इस साल अब तक 5,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.
अब कैसे हैं हालात
स्कूल के पास एक खुले मैदान में सैंकड़ों की संख्या में लोग शुक्रवार शाम इकट्ठा हुए.
बीबीसी संवाददाता पॉल ब्लैक ने बताया कि वहां मौजूद लोगों के रोने की आवाज़ की वजह उपदेशकों और राजनेताओं की आवाज़ धीमी पड़ गई.
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस हमले को ''बहुत ही भयावह'' बताया है.
उन्होंने कहा, ''मेरे अधिकारी वह सबकुछ करने के लिए तैयार हैं जिससे छात्रों और स्कूलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. इसके साथ ही जो लोग हथियारों के दम पर खुद के लिए और दूसरों के लिए ख़तरा पैदा कर रहे हैं उनके ख़िलाफ़ भी कदम उठाए जा रहे हैं.''
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में बताया गया इस साल की शुरुआत में फ्लोरिडा में हुई गोलीबारी की घटना के बाद जो 'व्हाइट हाउस स्कूल सेफ्टी पैनल' बनाया गया था, उसने काम करना शुरू कर दिया है और अगले हफ़्ते उसकी बैठक हो सकती है.
गवर्नर एबॉट ने इस गोलीबारी को "सबसे ज़्यादा जघन्य हमलों में से एक बताया, जिसे टेक्सस स्कूलों के इतिहास में कभी नहीं देखा गया".
इस बीच ह्यूस्टन टेक्संस एनएफएल टीम के एक एथलीट जेजे वॉट ने पीड़ितों के अंतिम संस्कार में होने वाले खर्चे को उठाने की पेशकश की है.
क्या अंतर था इस बार की गोलीबारी में?
अमरीका के फ़्लोरिडा राज्य के पार्कलैंड के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई थी, इस हमले को सबसे घातक घटना बताया गया था.
इसके बाद अमरीका में स्कूलों में बंदूक नियंत्रण का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया.
- राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल लास वेगास में हुई गोलीबारी में इस्तेमाल होने वाले तथाकथित हथियार 'बंप स्टॉक' पर प्रतिबंध लगाया
- अमरीकी कांग्रेस 'स्टॉप स्कूल वायलेंस कानून' के तहत स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए मेटल डिटेक्टर लगाने पर विचार कर रही है
- ट्रंप ने राष्ट्रीय राइफ़ल एसोसिएशन (एनआरए) के ज़रिए स्कूलों में अध्यापकों को हथियार ले जाने की इजाज़त देने की बात कही
हालांकि बंदूक पर नियंत्रण के पक्षधर लोगों ने इन छोटे-छोटे बदलावों की आलोचना की है, उनका कहना है कि कई बड़े राजनेता एनआरए का समर्थन करते हैं.
अमरीका के इतिहास स्कूल में हुई गोलीबारी में सबसे बड़ी घटना साल 2007 में वर्जीनिया टेक विश्वविद्यालय में हुई थी, इस गोलीबारी में 33 लोग मारे गए थे और 25 घायल हो गए थे.
वॉशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण के मुताबिक इस साल अमरीकी सेना की तुलना में अमरीकी स्कूलों में हुई गोलीबारी में ज़्यादा मौतें हुई हैं.
कौन है हमलावर?
अधिकारियों ने अनुसार 17 वर्षीय दिमित्रोस पगोर्त्ज़िस के दस्तावेजों से पता चला है कि उन्होंने हमले के बाद ख़ुद को मारने की योजना भी बना रखी थी.
गवर्नर एबॉट ने संवाददाताओं को बताया कि पार्कलैंड और सदरलैंड में हुई गोलीबारी की पिछली घटनाओं की तरह इस बार अधिकारियों को किसी तरह की पूर्व सूचना या चेतावनी नहीं दी गई.
पगोर्त्ज़िस ने सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में ख़ुद को एक एथलीट बताया हुआ है और लिखा है, "मुझे राजनीति पसंद नहीं." 30 अप्रैल को उन्होंने एक टी-शर्ट की फ़ोटो शेयर की है, जिस पर लिखा हुआ था "बॉर्न टू किल".
पगोर्त्ज़िस को फ़िलहाल गेल्वेस्टन जेल में रखा गया है और उन पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)