ऐतिहासिक वार्ता के लिए दक्षिण कोरिया में दाख़िल होंगे किम जोंग-उन

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उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन 1953 में हुए कोरियाई युद्ध के बाद दक्षिण कोरिया में प्रवेश करने वाले पहले उत्तर कोरियाई नेता बनने जा रहे हैं.
दोनों देशों की सीमा पर वह दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून-जेई-इन के साथ भारतीय समय के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे मुलाक़ात करेंगे.
दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच ऐतिहासिक वार्ता होने जा रही है, जिसमें उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु कार्यक्रम रोकने को लेकर दिए गए संकेतों पर भी चर्चा होगी.
किम जोंग-उन सीमा पर पनमुनजोम के असैन्यीकृत क्षेत्र में जाएंगे और यहां पर खींची गई अंतरराष्ट्रीय सीमा को भी पार करेंगे.
किम जोंग-उन कार से यहां पहुंचेंगे और बॉर्डर पार करते हुए पैदल ही वार्ता स्थल की ओर बढ़ेंगे. पनमुनजोम में ये वही जगह है, जहां पर पांच महीने पहले ही उत्तर कोरिया के सैनिकों ने एक भगोड़े सैनिक पर गोलियां चलाई थीं.
यह अपनी तरह का ऐसा तीसरा सम्मेलन है. इससे पहले साल 2000 और 2007 में भी दोनों कोरिया के शीर्ष नेताओं के बीच ऐसे सम्मेलन हो चुके हैं.
माना जा रहा है कि दोनों कोरिया के नेता प्रायद्वीप में शांति लाने का रास्ता निकालने और 1950-53 के युद्ध को औपचारिक रूप से खत्म करने पर चर्चा कर सकते हैं. दोनों की बैठक में कई सारे आर्थिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हो सकती है.

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परमाणु कार्यक्रम चर्चा
दोनों कोरिया के नेता उत्तर कोरिया के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे. हालांकि, दक्षिण कोरिया ने आशंका जताई है कि उत्तर कोरिया के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर समझौता हो पाना मुश्किल है.
पिछली बार दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच एक दशक पहले मुलाक़ात हुई थी और तब से लेकर आज तक उत्तर कोरिया ने परमाणु और मिसाइल टेक्नॉलजी के मामले में काफी प्रगति की है.
पिछले हफ्ते किम ने एलान किया था कि वह फिलहाल परमाणु परीक्षण रोक देंगे. अमरीका और दक्षिण कोरिया ने इस कदम का स्वागत किया था.
हालांकि चीनी शोधकर्ताओं ने संकेत दिए हैं कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण वाली जगह पिछले साल सितंबर में हुए परीक्षण के दौरान ढहने के बाद इस्तेमाल करने लायक नहीं बची है.
कैसे होगी वार्ता
इस मुलाक़ात की हर बात के लिए बारीक़ी से तैयारी की गई है. टाइमटेबल से लेकर डिनर के मेन्यु तक का ख़ास ध्यान रखा गया है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और उनके नौ सदस्यों वाले शिष्टमंडल से उस जगह मिलेंगे, जहां पर अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा खींची गई है.
पहले दक्षिण कोरिया के गार्ड दोनों नेताओं को दोनों देशों के बीच असैन्यीकृत इलाके में बने सैन्य परिसर में स्वागत समारोह में ले जाएंगे.
दोनों के बीच बातचीत भारतीय समय के अनुसार साढ़े 7 बजे शुरू होगी. वार्ता के पहले सत्र के बाद दोनों अलग-अलग लंच करेंगे.

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दोपहर बाद मून और किम 'शांति और समृद्धि' के प्रतीक के रूप में दोनों देशों की मिट्टी और पानी की मदद से एक चीड़ का पेड़ लगाएंगे.
पेड़ लगाने के बाद वे अगले दौर की बातचीत करेंगे. समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ सम्मेलन ख़त्म होगा और रात्रिभोज से पहले दोनों नेता साझा बयान जारी करेंगे.
डिनर का आयोजन दक्षिण कोरिया की तरफ से होगा.
कौन-कौन होगा शामिल
किम जोंग-उन के साथ नौ अधिकारी होंगे, जिनमें उनकी बहन किम यो-जोंग भी होंगी, जो पिछले दिनों संपन्न विंटर ओलिंपिक्स के दौरान उत्तर कोरिया के खिलाड़ियों के साथ दक्षिण कोरिया आई थीं.
साथ ही उत्तर कोरिया के नामित राष्ट्राध्यक्ष किम योंग-नाम भी होंगे. उत्तर कोरिया के शिष्टमंडल में उच्च सैन्य अधिकारी और राजदूत भी होंगे.
दक्षिण कोरिया अपने राष्ट्रपति के साथ सात अधिकारी भेजेगा, जिनमें रक्षा, विदेश और एकीकरण मंत्री भी होंगे.

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ऐसा खुला बातचीत का रास्ता
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच कई महीनों तक चली संबंध सुधारने की प्रक्रिया के बाद यह वार्ता हो रही है. पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए थे.
जनवरी मे अहम मोड़ तब आया था, जब उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने कहा कि वह दक्षिण कोरिया से वार्ता के लिए तैयार हैं.
इसके बाद दोनों देशों के खिलाड़ी दक्षिण कोरिया में हुए शीत ओलंपिंक खेलों के उद्घाटन समारोह में एक ही झंडे तले दाख़िल हुए थे.
ट्रंप से भी प्रस्तावित है किम जोंग-उन की मुलाक़ात

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दोनों कोरिया के बीच संबंध सुधारने की कवायद कई महीनों तक चली है और उसके बाद ही इस सम्मेलन और किम जोंग-उन के साथ अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की प्रस्तावित मुलाकात का रास्ता खुल पाया है.
जून में किम जोंग-उन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच भी वार्ता प्रस्तावित है.
गुरुवार को अमरीका के नए विदेश मंत्री बनाए गए माइक पॉम्पियो इसी महीने किम से मुलाक़ात कर चुके हैं ताकि ट्रंप से उनकी वार्ता की तैयारी की जा सके.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने दोनों की मुलाक़ात की तस्वीर भी ट्वीट की है.
हालांकि, अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स न्यूज चैनल को फ़ोन पर दिए इंटरव्यू में किम जोंग-उन के साथ प्रस्तावित मुलाकात को लेकर कुछ संदेह जताए हैं. उन्होंने कहा, "हो सकता है कि यह मुलाक़ात हो ही न पाए."












