'किम पहले ठोस पहल करें, फिर होगी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात'

ट्रंप और किम

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    • Author, सलीम रिज़वी
    • पदनाम, न्यूयॉर्क से बीबीसी हिन्दी के लिए

अमरीका ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच बहुचर्चित संभावित मुलाकात के बारे में अब यह शर्त लगा दी है कि पहले उत्तर कोरिया कुछ ठोस कदम उठाए, उसके बाद ही यह मुलाकात संभव हो सकेगी.

लेकिन गुरुवार को जब इस बैठक के न्योते के बारे में चर्चा शुरू हुई थी तब अमरीकी प्रशासन ने ट्रंप और किम जोंग उन के बीच मुलाकात के बारे में किसी शर्त का ज़िक्र नहीं किया था.

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सैरा सैंडर्स ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान कहा, "यह बैठक तब तक नहीं हो सकती जब तक कि उत्तर कोरिया कुछ ऐसे ठोस कदम न उठा ले जिसके बारे में उसने पहले से वादा किया हुआ है."

सैंडर्स ने यह साफ़तौर पर नहीं बताया कि उत्तर कोरिया को किन वादों को पूरा करना है या इस बैठक के लिए उत्तर कोरिया को क्या कदम उठाने होंगे.

सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप के साथ बैठक तभी होगी जब उत्तर कोरिया की कथनी और करनी में अंतर नहीं होगा.

सैंडर्स ने कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उत्तर कोरिया ने कुछ वादा किया था. उन्होंने परमाणु हथियारों को त्यागने और परमाणु और मिसाइल परीक्षण न करने का भी वादा किया था."

"उन्होंने यह भी माना है कि हमारे सैन्य अभ्यास जारी रहेंगे. यह बात साफ़ होनी चाहिए. अमरीका ने कोई रियायत नहीं दी है, लेकिन उत्तर कोरिया ने कुछ वादे ज़रूर किए हैं और यह बैठक तब तक नहीं हो सकती जब तक उत्तर कोरिया द्वारा किए गए वादों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं."

सारा सैंडर्स

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इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने साफ़तौर से कुछ नहीं कहा

अलग-थलग करने की रणनीति

इस संभावित बैठक से उम्मीदों के बारे में सैंडर्स ने कहा, "देखिए, बहुत कुछ संभव है. ऐसे तो बहुत-सी संभानाएं हैं, लेकिन मैं आपको बता दूं कि राष्ट्रपति ने बैठक का न्योता इस आधार पर क़ुबूल किया कि प्रमाणित किए जा सकने वाले ठोस कदम उठाए जाएंगे."

गुरुवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार चुंग ईयू-योंग ने व्हाइट हाउस में यह एलान किया था कि मई से पहले ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच मुलाक़ात होगी.

चुंग ने कहा था कि किम ने इस दौरान परमाणु बम और मिसाइल टेस्ट न करने का आश्वासन भी दिया है.

अमरीकी उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि अमरीका की उत्तर कोरिया को अलग-थलग करने की रणनीति काम कर रही है और उत्तर कोरिया द्वारा अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाकात करने का फ़ैसला इस बात का सबूत है.

लेकिन व्हाइट हाउस ने यह साफ़ नहीं किया है कि क्या उत्तर कोरिया को इस बैठक से पहले या बाद में परमाणु हथियारों को त्यागने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी.

किम जोंग उन

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इमेज कैप्शन, उत्तर कोरिया पर परमाणु कार्यक्रम बंद करने का दबाव है

ट्रंप ने किया था स्वागत

व्हाइट हाउस ने अभी यह भी नहीं बताया है कि ट्रंप और किम के बीच यह संभावित बैठक कहां और कब हो सकती है.

याद रहे कि अब तक अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया से बातचीत को 'बेमतलब' करार देते रहे थे.

लेकिन गुरुवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने भी किम जोंग उन के बातचीत के न्योते का स्वागत किया था.

लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति ने यह साफ़ कर दिया है कि इस दौरान जब तक उत्तर कोरिया पूर्ण रूप से परमाणु हथियारों को त्याग नहीं देता तक तक उस पर लगाए गए प्रतिबंध जारी रहेंगे.

वीडियो कैप्शन, ट्रंप और किम जॉन्ग की तू तू-मैं मैं

इसके अलावा अमरीका और दक्षिण कोरिया के बीच पहले से तय सैन्य अभ्यास भी जारी रहेंगे.

अमरीका इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि यह संभावित बैठक अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच सरकारी द्विपक्षीय वार्ता नहीं होगी.

मानवाधिकार उल्लंघनों के गंभीर आरोपों के कारण दशकों तक उत्तर कोरिया अंतरराष्ट्रीय रूप से अलग-थलग रहा है.

परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी उत्तर कोरिया के खिलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाए हैं.

अब तक अमरीका और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेताओं के बीच कभी भी कोई मुलाकात नहीं हुई है.

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