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पाकिस्तान: हाफ़िज़ सईद की रिहाई का रास्ता खुला
पाकिस्तान में एक न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने हाफ़िज़ सईद की रिहाई का फरमान सुनाया है. भारत हाफ़िज़ सईद को मुंबई पर हुए चरमपंथी हमलों का मास्टरमाइंड मानता है.
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जमात-उद-दावा के चीफ़ हाफ़िज़ सईद जनवरी से ही नज़रबंद हैं.
समीक्षा बोर्ड के इस फ़ैसले से तकरीबन से लाहौर में नज़रबंद हाफ़िज़ सईद की रिहाई का रास्ता साफ़ हो गया है.
जस्टिस अब्दुस्समी ख़ान की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समीक्षा बोर्ड ने सरकारी वकील की दलील सुनने के बाद कहा कि सरकार हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ कोई पुख्ता सबूत नहीं पेश नहीं कर सकी है.
इस आधार पर बोर्ड ने हाफ़िज़ सईद की नज़रबंदी को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है.
बीबीसी से बात करते हुए हाफ़िज़ सईद के वकील ए के डोगर का कहना था कि केंद्रीय और प्रांतीय सरकार की तरफ से पेश किए गए दस्तावेज़ हाफ़िज़ सईद को नज़रबंद रखने के लिए काफ़ी नहीं थे.
उन्होंने कहा, "हाफ़िज़ सईद को नज़रबंद रखने का कोई आधार ही मौजूद ही नहीं है, सरकार को मौका दिया गया था कि वह उनके ख़िलाफ़ सबूत लेकर आए लेकिन वह इसमें नाकाम रही. रिव्यू बोर्ड के पास इसके सिवा कोई चारा ही नहीं था कि वह नज़रबंदी को ख़त्म करने का आदेश दे."
सरकार ने उनकी रिहाई के बाद कानून व्यवस्था भंग होने की आशंका जताई थी लेकिन वो अदालत में इसका कोई सबूत पेश नहीं कर पाई.
इससे पहले हाफ़िज़ सईद की नज़रबंदी को एक महीने के लिए बढ़ाया गया था जो 23 नवंबर को ख़त्म हो रही है.
रिहाई का रास्ता
इसके साथ ही न्यायिक समीक्षा बोर्ड के आदेश के बाद हाफ़िज़ सईद की रिहाई का रास्ता खुल गया है.
31 जनवरी को पाकिस्तान की सरकार ने हाफ़िज़ सईद और उनके चार साथियों अब्दुल्ला उबैद, मलिक ज़फऱ इक़बाल, अब्दुल रहमान आबिद और क़ाज़ी कासिफ़ हुसैन को चरमपंथ विरोधी कानून के तहत 90 दिनों के लिए हिरासत में लिया था.
अक्टूबर के पिछले हफ़्ते में सईद के चार साथियों को रिहा कर दिया गया.
अमरीका ने हाफ़िज़ सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है.
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