दो देशों में तनाव की वजह बना 'कचरे का समंदर'

प्लास्टिक के डिब्बे, टूटे कनस्तर, पुराने कपड़े, इंजेक्शन की सुईयां और मरे हुए जानवर...
ये किसी कचरे के पहाड़ में देखी जाने वाली आम चीज़ें हो सकती हैं. लेकिन होंडुरास और ग्वाटेमाला के बीच कैरेबियाई सागर में फैला कचरा दूर से एक द्वीप की तरह दिखता है और कभी-कभी तैर कर द्वीप के तट पर भी आ जाता है.
विशालकाय कचरे का तैरता हुआ ये ज़खीरा फिलहाल इन दोनों देशों के बीच तनाव की वजह बना हुआ है.
हालांकि, ये कोई नई बात नहीं है लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इसके बारे में कम ही जानकारी है. कुछ सप्ताह पहले ही कचरे के इस तैरते ज़खीरे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं.
ब्रितानी फोटोग्राफ़र कैरोलाइन पावर ने रोआटन पर्यटक द्वीप के नज़दीक समुद्र की कुछ तस्वीरें प्रकाशित की हैं जो कचरे की एक तैरती परत से पूरी तरह ढका नज़र आता है.

आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?
तस्वीरों के छपने और होंडुरास के उत्तरी तट की कई नगरपालिकाओं के तट तक कचरे के इस तैरते समुद्र के पहुंचने के बाद दोनों देशों की सरकारों की एक बैठक हुई है.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक बैठक में इस विषय पर बात हुई कि बीते तीन साल से जारी इस स्थिति से निजात पाने के लिए क्या किया जाए.
लेकिन इस बैठक में तनाव एक मूल मुद्दे को लेकर हुआ जो कचरे के इस समुद्र के लिए किसी की ज़िम्मेदार ठहराने से जुड़ा था.
एक तरफ जहां होंडुरास ने ग्वाटेमाला पर ओमोआ, प्यूर्टे कोर्टेस और बे आइलैंड्स तक पहुंचने वाले इस कचरे को फैलाने का आरोप लगाया है.वहीं, दूसरी तरफ ग्वाटेमाला ने कहा कि होंडुरास कूड़ा कचरा समुद्र में फेंक रहा है और इसे तबाह कर रहा है.
द्वीपक्षीय बैठकों के बाद ग्वाटेमाला को कचरे को नियंत्रित के लिए पांच सप्ताह का समय दिया गया है.

रोज़ सवेरे का काम हैं कचरा साफ करना
बीते 60 सालों से कार्लोस फोनसेका प्यूर्टे कोर्टेस नगरपालिका के ट्रावेसिया में रह रहे हैं.
उत्तरी होंडुरास में मौजूद इस जगह के बारे में वो कहते हैं कि बीते कुछ सालों से वो नियमित रूप से सवेरे उठकर समुद्र के तट पर आने वाला कचरा साफ़ कर रहे हैं.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "बरसात के मौसम में हम सवेरे उठ कर कचरा साफ़ करते हैं और दोपहर तक फिर से किनारे पर कचरा आ जाता है. अगर हमने कुछ नहीं किया तो ये इकट्ठा होता रहता है और हर जगह बस कचरा ही कचरा नज़र आता है."
फोन्सेका कहते हैं कि इससे पहले कि नगरपालिका के अधिकारी कचरा साफ़ करें, ये हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपनी जगह को साफ़ रखें.
वो कहते हैं, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि ये जो यहां आ रहा है वो कचरा है जो अपने साथ बीमारियां लाता है. मुझे नहीं पता कि ये कचरा कौन डाल रहा है- होंडुरास या ग्वाटेमाला, लेकिन हमारे लिए ये किसी बुरे सपने के जैसा है."

बीच पर जाना भी मुश्किल
होंडुरास के प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण मंत्री जॉस अंतोनियो गाल्डेम्स ने बीबीसी को बताया कि तट पर आने वाले कचरे की समस्या ओमास नगरपालिका के अलावा अन्य लोगों के लिए भी "बर्दाश्त की हद से बाहर" होती जा रही है.
वो कहते हैं कि इस समस्या से एक नहीं कई लोग परेशान हैं, कुछ द्वीपों तक ये पहुंच गया है और अमरीका के केंद्र में स्थित कुछ पर्यटक स्थलों के लिए ये मुश्किल का सबब बन गया है.
वो कहते हैं कि इसका बुरा असर चार बुनियादी चीज़ों पर पड़ता है- पर्यावरण, पारिस्थितिक, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य.
वो कहते हैं, "लोग समुद्र के किनारे नहीं जाना चाहते क्योंकि उन्हें प्रदूषण से डर लगता है. समुद्र के किनारे रेत पर लेटना और सोना ख़तरे से खाली नहीं क्योंकि रेत में दबी हुई सुईयां हो सकती हैं जो आपकी पीठ पर चुभ जाएंगी."
पर्यावरण इंजीनियर इयान ड्रिस्डेल मेसोअमेरिकन रीफ़ सिस्टम की सुरक्षा से जुड़ी एक परियोजना पर काम कर रहे हैं.
वो कहते हैं कि ये कोरल रीफ़ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोरल रीफ़ है और कचरे के इस ज़खीरे से बुरी तरह प्रभावित है.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "समुद्री लहरों के कारण इसका पूरे कोरल रीफ़ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. ये कोरल रीफ़ होंडुरास और ग्वाटेमाला दोनों ही देशों के हैं."

मंत्री गोल्डेम्स का कहना है कि मौजूदा कचरे के ज़खीरे के पीछे कारण है मोटागुआ नदी जिसका अधिकांश हिस्सा ग्वाटेमाला से होकर बहता है और ये नदी होंडुरास में आकर ख़त्म हो जाती है.
नवो कहते हैं, "मोटागुआ के अधिकांश हिस्सा ग्वाटेमाला में है. नदी के किनारे वहां की 95 नगरपालिकाएं हैं जिनमें से 27 नगरपालिकाएं अपना ठोस कचरा नदी में डालती हैं. हमारी केवल 3 नगरपालिकाएं नदी से जुड़ी हैं. नदीं में आने वाला 86 फ़ीसदी कचरा ग्वाटेमाला से आता है."
आधिकारियों का कहना है कि जब उनके मंत्रालय ने कचरे का निरीक्षण किया तो पाया कि कचरे में जो वस्तुएं हैं वो आमतौर पर "मेड इन ग्वाटेमाला" के टैग के साथ मिली हैं.
लेकिन वो कहते हैं कि इतना काफ़ी नहीं है. वो कहते हैं, "हमें कचरे में कपड़े, प्लास्टिक, अस्पताल का कूड़ा, खून, सिरींज की सुईयां, जानवरों और यहां तक कि इंसानों के शव भी मिले हैं."
मंत्री गोल्डेम्स का कहना है कि पूरे ग्वाटेमाला में कचरे के लिए गड्ढे नहीं हैं तो ऐसे में बरसात के मौसम में पानी के साथ कचरा बह कर नदी में आ जाता है और नदी के रास्ते ये समुद्र में पहुंच जाता है. ये कचरा फिर समुद्री लहरों के साथ बह कर किनारे तक आ लगता है.

एन्वायरनमेंट एंड सोशल लीगल ऐक्शन सेन्टर ऑफ़ ग्वाटेमाला के रफाएल माल्डोनाडो इस बात का समर्थन करते हैं. वो कहते हैं कि इस स्थिति के लिए उनके देश की सरकारों की नीतियां ज़िम्मेदार हैं.
वो कहते हैं, "इस कचरे के द्वीप के लिए ग्वाटेमाला की सरकार ज़िम्मेदार है जिसमे बीते कई सालों में नदियों में कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया."
जानकार मानते हैं कि प्रदूषण फैलने से रोकने के लिए सरकार को लाखों का सार्वजनिक निवेश करना होगा.
इससे बचने के लिए ग्वाटेमाला के अधिकारियों ने 2006 के बाद से कैरीबियाई सागर में प्रदूषण रोकने से संबंधित एक बिल को अभी तक पास नहीं किया है.
रफाएल माल्डोनाडो कहते हैं, "होंडुरास में जो हो रहा है उसके लिए ग्वाटेमाला का ख़राब पर्यावरण प्रबंधन जिम्मेदार है. जो कूड़ा मोटागुआ में नदी में फेंका जाता है वह समुद्र तक पहुंचकर समुद्र में जाता है और सरकार इसे रोकने के लिए ज़रूरी निवेश नहीं कर रही है."

ग्वाटेमाला के पर्यावरण मंत्री, सिडनी अलेक्जेंडर सैमुएल्स मानते हैं कि उनका देश कैरीबियाई सागर में प्रदूषण रोकने के लिए पूरे प्रयास कर रहा है. वो कहते हैं कि मौजूदा स्थिति के लिए होंडुरास की नदियां मूल रूप से ज़िम्मेदार हैं.
उन्होंने बीबीसी को बतया, "वो आरोप लगा रहे हैं और केवल ग्वाटेमाला का पक्ष ही बता रहे हैं. लेकिन उन्हें ये सोचना होगा कि वो क्या कर रहे हैं. उनके देश में एक नदी है- कमीलिकॉन और ऊला नदी जो कचरे से भरे नाले की तरह है. रोआटन तक पहुंचने वाला अधिकतर कचरा होंडुरास से आ रहा है."
सैमुएल्स कहते हैं कि उनकी सरकार को नदी में मिल रहे मानव शवों के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
वो कहते हैं, "मैंने कभी भी मानव शवों के बारे में कुछ नहीं सुना. अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए कि ये शव कहां से आ रहे हैं. मैंने इनके बारे में नहीं सुना."
वो कहते हैं, "हम मानते हैं कि हमारी मोटागुआ नदी कैरीबियाई सागर को प्रदूषित कर रही है. लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि होंडुरास की कमीलिकॉन और ऊला नदी भी कचरा समंदर कर पहुंचा रही हैं. मैं आपको इस बात का आश्वासन दे सकता हूं कि अगले साल से हम समुद्र में कचरा नहीं बढ़ाएंगे क्योंकि हमारे पास ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं हैं."

बीबीसी ने एक अन्य पर्यावरण इंजीनियर से बात की जो मानते हैं कि होंडुरास भी "कचरे का समंदर" के लिए ज़िम्मेदार है.
वो कहते हैं, "होंडुरास में ऐसे कई समुदाय हैं जहां कचरा इकट्ठा करने के लिए एक ट्रक तक की सुविधा नहीं है. लोग नदियों में कचरा डाल देते हैं और यहां बहने वाली 80 फीसदी नदियां कैरीबियाई सागर में जाकर मिलती हैं. दूसरे पर किसी बात के लिए आरोप लगाना बेहद आसान है, मुझे लगता है कचरे की समस्या किसी एक की नहीं बल्कि हर किसी की है."
दोनों देशों के बीच, कचरा कौन फैला रहा है, के मुद्दे को लेकर तनाव जारी है और इस समस्या को सुलझाने पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है.
ट्रावेसिया में रहने वाले कार्लोस फोनसेका कहते हैं, "अब इस मामले में सर्दियां शुरू हो गई हैं. अब बारिश आएगी और हम जानते हैं कि समुद्र किनारे और भी कचरा आएगा."
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