सऊदी अरब इस्लामी शिक्षा के ग़लत इस्तेमाल पर रोक लगाएगा

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

सऊदी अरब एक ऐसी संस्था तैयार करने जा रहा है जो पैगंबर मोहम्मद की शिक्षा के ग़लत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए मुहिम चलाएगा.

सऊदी के शाह सलमान ने मदीना में ऐसे धार्मिक संगठन को तैयार करने का हुक्म जारी कर दिया है.

इस संगठन में दुनिया भर से इस्लाम के जानकारों को शामिल किया जाएगा.

सऊदी के सूचना मंत्रालय ने बताया कि ये जानकार किसी भी ऐसी इबारत को निकलवाएंगे जिसमें इस्लामी शिक्षा की ग़लत व्याख्या की गई हो. और जिनका इस्तेमाल हिंसा और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता सकता है.

किंग सलमान

इमेज स्रोत, Getty Images

इस्लामिक क़ानून में सबसे ऊपर क़ुरान को माना जाता है. माना जाता है कि क़ुरान में वो सब बातें हैं जो अल्लाह ने पैगंबर मोहम्मद से कही.

इसके बाद इस्लामिक क़ानून का दूसरा स्त्रोत सुन्नाह यानि हदीस को माना गया है. हदीस में वो बातें हैं जो इस्लाम के जानकारों ने पैगंबर मोहम्मद के रहन-सहन, आदतों से निकाली हैं.

हदीस की व्याख्या अलग-अलग वक़्त में इस्लाम के जानकार अपनी-अपनी समझ के अनुसार करते रहे हैं.

सऊदी अरब

इमेज स्रोत, Getty Images

कहा जाता है कि अल-क़ायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे चरमपंथी समूहों ने कुछ हिस्सों को अपनी तरह तोड़ मोड़कर अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल किया है.

सऊदी अरब की ये पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस्लाम के पवित्र स्थलों में से दो यहीं मौजूद हैं.

ये संगठन किस तरह काम करेगी, अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)