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अब क़तर और बहरीन के बीच नया संकट
बहरीन के सरकारी टेलीविज़न चैनल ने क़तर पर सरकार विरोधी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है.
हालांकि ये मामला साल 2011 का है और बहरीन का आरोप है कि सरकार विरोधी विपक्षी गुटों के साथ मिलकर क़तर इस साजिश को अंजाम दे रहा था.
सरकारी टेलीविज़न चैनल ने उस कथित टेलीफ़ोन रिकॉर्ड्स को भी जारी किया है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये क़तर के तत्कालीन प्रधानमंत्री हमाद बिन जासिम अल-थानी और अल-वफ़ाक़ के नेता अली सलमान के बीच की बातचीत बताया जा रहा है.
अल-वफ़ाक़ के नेता अली सलमान को बहरीन में चरमपंथ फैलाने के आरोप लगते रहे हैं. उन्हें चरमपंथ से जुड़े अपराध के लिए सजा भी सुनाई गई है.
क़तर का संकट
इस बातचीत को लेकर ये दावा किया जा रहा है कि दोनों ने बहरीन की सल्तनत के ख़िलाफ़ अस्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सहमति जताई थी.
टेलीफोन कॉल को लेकर बहरीन की सरकार ने जांच शुरू कर दी है. जून में बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र ने जून में क़तर से कूटनीतिक रिश्ते खत्म कर लिए थे.
ये चार मुल्क क़तर की हुकूमत पर ईरान के करीबी चरमपंथी संगठनों से सांठगांठ का आरोप लगाते रहे हैं और क़तर इन आरोपों का पुरजोर तरीके से खंडन करता रहा है.
हालांकि क़तर ने बहरीन के इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और शेख हमाद की तरफ से भी इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
शेख हमाद प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की जिम्मेदारी से 2013 में ही अलग हो गए थे.
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