उत्तर कोरिया की मिसाइल बीच में रोकेगा जापान?

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उत्तर कोरिया की न्यूज़ एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने प्रशांत महासागर में स्थित अमरीकी द्वीप गुआम पर हमले की योजना का ऐलान किया है.
केसीएनए ने आर्मी चीफ़ जनरल किम राक ग्योम के हवाले से लिखा है - "कोरियाई पुल्स आर्मी द ह्वासंग - 12 रॉकेट्स को लॉन्च करेगा जो जापान के शिमाने, हिराशिमा और कोचि से होता हुआ ग्वाम के पास समुद्र में गिरेंगे."
अमरीका ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया की गतिविधियों ऐसी हैं कि उसकी 'हुक़ूमत का ख़ात्मा' भी हो सकता है.
17 मिनट में 3356 किलोमीटर होगी तय
उत्तर कोरिया की न्यूज़ एजेंसी ने इन रॉकेट्स के गुआम द्वीप तक पहुंचने के समय का ऐलान कर दिया है. यही नहीं, ये भी बताया है कि रॉकेट किस जगह जाकर गिरेंगे.

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केसीएनए ने बताया है, "ये रॉकेट 1,065 सैकेंड्स में 3356.7 किलोमीटर की दूरी तय करके गुआम द्वीप से 30-40 किलोमीटर पहले समुद्र में गिरेंगे."
कोरियाई सरकारी मीडिया के मुताबिक, उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने अब तक हमले की इस योजना को हरी झंडी नहीं दी है.
'डर की स्थिति'
गुआम में मौजूद बीबीसी के रुपर्ट विंगफील्ड-हेज़ ने कहा है कि ऐसा भी लगता है कि यह उत्तर कोरिया की तरफ़ से बढ़ा-चढ़ाकर की गई बात है. क्योंकि ज़्यादातर लोगों को लगता है कि अगर उन्होंने सच में मिसाइलों से हमला किया तो यह उत्तर कोरियाई हुक़ूमत के लिए आत्महत्या जैसा होगा.
गुआम के गवर्नर ने गुरुवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि उत्तर कोरिया अप्रत्याशित होना पसंद करता है और इससे पहले चौंकाने वाली मिसाइलें छोड़ चुका है.
गवर्नर एडी काल्वो ने कहा, 'अब वे अपना ठोस रुख़ प्रचारित कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि वो कोई ग़लतफ़हमी नहीं चाहते. मुझे लगता है कि यह डर की स्थिति है.'
जापान बीच में रोक सकता है मिसाइल
उधर जापानी सरकार के प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने कहा है कि उत्तर कोरिया की गतिविधियां जापान समेत समूचे क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सुरक्षा के लिहाज़ से उकसाने वाली हैं.
उन्होंने कहा, 'हम इसे कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते.'
जापानी रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोदेरा ने सांसदों से कहा कि अगर उत्तर कोरिया गुआम पर मिसाइल छोड़ता है तो जापान क़ानूनी तौर पर उसे बीच में रोक सकता है क्योंकि यह एक राष्ट्र के तौर पर जापान के वजूद के लिए धमकी होगी.
अमरीका ने दिया जवाब
इससे पहले अमरीकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने उत्तर कोरिया से कहा है कि वो वैसी गतिविधियां न करे जिससे वहां ''व्यवस्था परिवर्तन हो जाए और लोगों को विनाश का सामना करना पड़े.''
पेंटागन के प्रमुख ने ये भी कहा कि अमरीका और उसके सहयोगियों के साथ लड़ाई में उत्तर कोरिया टिक नहीं पाएगा.
मैटिस की ये कड़ी चेतावनी अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद आई है जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया को संयम बरतने को कहा था.

क्यों उत्तर कोरिया के निशाने पर है गुआम?
प्रशांत महासागर में अमरीकी द्वीप गुआम में अमरीकी एयरफ़ोर्स और नौसेना का एयरबेस है. 541 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ ये द्वीप अमरीका के लिए सामरिक तौर पर काफ़ी महत्वपूर्ण है.
गुआम की अहमियत इस बात से समझिए कि इस एक द्वीप की मदद से अमरीका की पहुंच दक्षिणी चीन सागर, कोरिया और ताइवान तक है.
गुआम ऐसी जगह पर है, जहां से दक्षिणी चीन सागर में चीन के बढ़ते दबदबे पर अमरीका महत्वपूर्ण क़दम उठा सकने की स्थिति में है.
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हमले का उद्देश्य अमरीकी सरकार को गंभीर चेतावनी होगा.
ट्रंप दे चुके हैं बड़ी धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्विटर पर अमरीका के परमाणु हथियारों के जख़ीरे के बारे में लिखा है कि अमरीका के पास पहले से ज़्यादा ताक़तवर हथियार हैं.

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हालांकि उन्होंने ये भी लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि अमरीका को कभी इस शक्ति के इस्तेमाल की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने आर्मी चीफ़ जनरल किम राक ग्योम के हवाले से लिखा है - गोल्फ़ खेल रहे अमरीकी राष्ट्रपति ने एक बार फ़िर फ़्यूरी और फ़ायर जैसी बकवास की है जो बताती है कि वह स्थिति की गंभीरता को समझने में असफ़ल रहे हैं. और, ऐसे अतार्किक व्यक्ति से बात करना संभव नहीं और सिर्फ़ बल प्रयोग ही इस व्यक्ति को समझ आएगा."
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