ट्रंप-मोदी के बयान की पाँच मुख्य बातें

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वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विचार-विमर्श किया और फिर मीडिया के सामने बयान जारी किए. आइए एक नज़र डालते हैं इन बयानों की मुख्य बातों पर.
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा...
- राष्ट्रपति ट्रंप और मेरी आज की बातचीत हर प्रकार से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है क्योंकि ये परस्पर विश्वास पर आधारित थी, ये हमारे मूल्यों, प्राथमिकताएं, चिंताएं और रुचियों की समानता भी थी. ये भारत और अमरीका के बीच परस्पर सहयोग और सहभागिता की चरम सीमाओं की उपलब्धि पर केंद्रित है.
- हमारी ऐसी मज़बूत सामरिक साझेदारी है, जिसने मानव प्रयासों के लगभग सभी क्षेत्रों को स्पर्श किया है. हमने भारत और अमरीका के संबंधों के हर आयाम पर विस्तार से चर्चा की है. दोनों ही देश एक ऐसे द्विपक्षीय ढाचें पर प्रतिबद्ध हैं जो हमारी रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा.
- भारत के सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए हमारे मुख्य कार्यक्रमों में हम अमरीका को प्रमुख पार्टनर मानते हैं. मुझे विश्वास है कि मेरा न्यू इँडिया का विज़न और राष्ट्रपति ट्रंप के मेक अमरीका ग्रेट अमरीका का विज़न हमारे सहयोग के नया आयाम पैदा करेगी.
- मेरा ये स्पष्ट मत है कि एक मज़ूबत और सफल अमरीका में ही भारत का हित है. इसी तरह भारत का विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भारत की भूमिका अमरीका के हित में भी है. व्यापार, वाणिज्य और निवेश संबंधों का भरपूर विकास हमारे प्रयासों की साझी प्राथमिकता होगी. इसके लिए हमारी सफल डिज़ीटल को और सुदृढ़ करने के लिए हम कदम उठाएंगे.
- हम न केवल संभावनाओं के सहयोगी हैं बल्कि हम अपने सामने मौजूदा तथा आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी सहभागी हैं. आज हमने अपनी बैठक में चरमपंथ, अतिवाद और उग्रवाद से पूरे विश्व में उत्पन्न गंभीर चुनौतियों पर चर्चा की तथा इसमें अपने सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति बनाई. आंतकवाद से लड़ना और आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करना हमारी सहभागित का एक महत्वपूर्ण भाग होगा.

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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा....
- दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का व्हाइट हाउस में स्वागत करना सम्मान की बात है. मैंने हमेशा कहा है कि आपके देश और आपके लोगों के लिए, उनकी संस्कृति, धरोहर और विरासत के लिए मेरे मन में अगाध श्रद्धा है.
- इस साल भारत अपनी आज़ादी की 70 वीं सालगिरह मनाने वाला है. इस मौके पर अमरीका की ओर से मैं भारतीय लोगों को बधाई देना चाहता हूं. अमरीका और भारत की दोस्ती साझा मूल्यों पर आधारित है जिनमें लोकतंत्र के लिए हमारी प्रतिबद्धता भी शामिल है.
- ज्यादातर लोगों के ये पता नहीं है कि भारत और अमरीका का संविधान तीन सुंदर शब्दों से शुरू होता है और ये शब्द हैं....वी द पीपल. प्रधानमंत्री मोदी और मैं इन शब्दों का महत्व बहुत अच्छी तरह से जानते हैं.
- आज की मुलाक़ात के बाद मैं ये कहना चाहूंगा कि भारत और अमरीका के संबंध इतने मज़ूबत और इतने बेहतर इससे पहले कभी नहीं थे. भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और जो अपने इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा कर सुधार कर रहा है. बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए भारत की सोच बहुत बड़ी है और आप भ्रष्टाचार से भी लड़ रहे हैं जो लोकतंत्र के लिए हमेशा ही एक गंभीर ख़तरा होता है.
- भारत और अमरीका दोनों ही देश चरमपंथियों और चरमपंथी विचारधारा से लड़ते रहे हैं. हम उग्र इस्लामी चरमपंथ को नष्ट कर देंगे. हमारी सेनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं और अगले महीनें दोनों देशों की सेनाएं एक संयुक्त अभ्यास करने वाली हैं.
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