टेरीज़ा मे और कॉर्बिन ने दिए वोटर्स के सवालों के जवाब

लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन और कंज़र्वेटिव उम्मीदवार टेरिज़ा मे

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आठ जून को ब्रिटेन में मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं. उससे पहले टीवी पर आख़िरी टेलीविज़न डिबेट में ब्रितानी प्रधानमंत्री और कंज़र्वेटिव उम्मीदवार टेरीज़ा मे और लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने मतदाताओं के सवालों के जवाब दिए.

बीबीसी के क्वेश्चन टाइम कार्यक्रम में दोनों नेताओं को लोगों के मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा.

प्रधानमंत्री मे को सैलरी रुकने की वजह से नाराज़ नर्स और बुरे व्यवहार का सामना कर रही एक महिला के सवाल का जवाब देना पड़ा.

वहीं जेरेमी कॉर्बिन से पूछा गया कि यदि ब्रिटेन पर हमला होगा तो क्या वो परमाणु बम का इस्तेमाल करेंगे?

कॉर्बिन ने कहा कि ये शर्म की बात है कि टेरीज़ा मे ने उनसे सीधी बहस करने से इनकार कर दिया.

दोनों नेताओं के साथ सवाल-जवाब के 90 मिनट के कार्यक्रम में लोगों ने उनसे अलग-अलग सवाल पूछे.

मुझमें चुनाव कराने का साहस था: टेरीज़ा मे

टेरीज़ा मे

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45 मिनट के सत्र में टेरीज़ा मे ने बार-बार दोहराया कि "जो पोल मतदान के दिन होता है सिर्फ़ वही मायने रखता है."

मे ने ये भी कहा कि उनके अंदर देश के सामने जाने का और चुनाव कराने का साहस था.

जब उनसे पूछा गया कि यदि लेबर पार्टी जीत गई तो क्या होगा तो उन्होंने कहा, "अभी हमारे सामने ऐसी परिस्थिति है कि यदि जेरेमी कॉर्बिन को 10 डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचना हो तो उन्हें लिबरल डेमोक्रैट्स और स्कॉटिश नेशनल पार्टी का समर्थन लेना होगा."

"आपके पास डायना अबॉट हैं, मार्क्सवादी जॉन मैकडोनेल हैं, देश को तोड़ने की चाह रखने वाली निकोला स्टर्जन हैं और हमें फिर से यूरोपीय संघ में ले जाने की चाहत रखने वाले टिम फ़ैरॉन हैं- ये सब ब्रितानी लोगों की उम्मीदों के ठीक उलट हैं."

कॉर्बिन ने की ट्रंप की आलोचना

जेरेमी कॉर्बिन

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जेरेमी कॉर्बिन ने अपनी बात पेरिस पर्यावरण समझौते से अलग होने पर ट्रंप की आलोचना करने से शुरू की और ये भी कहा कि उन्होंने किसी अन्य दल से कोई समझौता नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश में निवेश लाना चाहती है.

कॉर्बिन से ब्रेक्सिट पर अपने रवैये को लेकर सवाल पूछे गए जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि ज़रूरी नहीं कि यूरोपीय संघ से अलग होकर ब्रिटेन ग़रीब हो जाए.

कॉर्बिन ने कहा, "मैं माफ़ी चाहता हूं कि ये बहस नहीं है. ये सवालों की एक श्रृंखला है. मुझे लगता है कि ये शर्म की बात है कि प्रधानमंत्री ने बहस में हिस्सा नहीं लिया."

लाखों लोगों की मौत का ज़िम्मेदार नहीं होना चाहता: कोर्बेन

जेरेमी कोर्बेन

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ब्रेक्सिट के मुद्दे पर कॉर्बिन ने हालात से निबटने में अपनी टीम की क्षमता का बचाव किया और ब्रिटेन में रह रहे यूरोपीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी योजनाओं के बारे में बताया.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूरोपीय बाज़ार तक ब्रिटेन की पहुंच सुनिश्चित करने और यूरोपीय संघ की सदस्यता के तहत मिली सुरक्षाओं के बचाव के लिए काम करेगी.

उनसे बार-बार पूछा गया कि यदि ब्रिटेन पर हमला हुआ तो क्या वो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेंगे. इस पर कॉर्बिन ने कहा कि 'मैं दसियों लाख लोगों की मौत का ज़िम्मेदार नहीं होना चाहता.'

उन्होंने कहा कि वो परमाणु मुक्त विश्व के लिए काम करेंगे और हर ख़तरे से आरंभिक दौर में ही वार्ता और बातचीत के ज़रिए निबटने का हर संभव प्रयास करेंगे ताकि ब्रिटेन परमाणु अप्रसार समझौते के तहत अपनी ज़िम्मेदारियों को निभा सके."

ब्रेक्सिट पर ख़ूब पूछे गए सवाल

टेरिज़ा मे

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टेरीज़ा मे को ब्रेक्सिट पर जनमतसंग्रह से पहले यूरोपीय संघ के साथ रहने के अपने समर्थन को लेकर बार-बार सवालों का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा, "मैंने उस समय कहा था कि मुझे लगता है कि यूरोपीय संघ में रहने के अपने फ़ायदे हैं, लेकिन मैंने ये भी नहीं कहा था कि यदि ब्रिटेन अलग होगा तो आफ़त टूट पड़ेगी."

टेरीज़ा मे ने कहा कि ब्रेक्सिट पर एक अच्छा समझौता यूरोपीय संघ के देशों के लिए फ़ायदेमंद होगा और उन्होंने ब्रेक्सिट प्रक्रिया ख़त्म होने से पहले व्यापार समझौते से भी इनकार नहीं किया है. लेकिन ये ज़रूरी है पहले ब्रेक्सिट पर समझौता हो. टेरीज़ा मे ने ये भी कहा कि कुछ देशों ने कहा है कि वो जल्द ही व्यापार समझौता चाहते हैं.

कॉर्बिनसे सीधी बहस न करने के फ़ैसले का बचाव

टेरिज़ा मे

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उन्होंने जेरेमी कॉर्बिन से सीधी बहस न करन के अपने फ़ैसले का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सात नेताओं का आपस में बहस करना कोई बहुत रोचक या कोई नई बात बताने वाला तरीका है.

टेरीज़ा मे ने अपने पेंशन सुधारों का भी बचाव किया.

नर्सों ने सार्वजनिक क्षेत्र में सैलरी में बढ़ोत्तरी में एक प्रतिशत की सीमा पर टेरीज़ा मे को घेरा तो उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का सावधानीपूर्वक प्रबंधन ज़रूरी है.

टेरीज़ा में से विदेशों में दी जाने वाली मदद, शिक्षा और पेरिस समझौते को लेकर भी सवाल पूछे गए.

उन्होंने कहा कि उन्होंने डोनल्ड ट्रंप से बात की है और ब्रिटेन पेरिस समझौते के साथ है.

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