You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सात साल में कहीं नहीं पहुंचा जूलियन असांज का मामला
विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज पर चल रहे मामले की जांच बहुत धीमी रफ़्तार में हो रही है. यह मामला स्वीडन में चल रहा है और उसकी प्रगति की रफ़्तार बहुत चिंताजनक है.
रविवार को इक्वाडोर की सरकार ने यह चिंता व्यक्त की.
इक्वाडोर की ओर से जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि स्वीडन की सरकार जूलियन असांज पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच नहीं करवा पाई है. यह मामला सात साल पुराना, यानी 2010 का है. मामले में जांच की इतनी धीमी रफ़्तार स्वीडन सरकार की एक बड़ी विफलता है.
जूलियन असांज बीते पांच साल से इक्वाडोर की शरण में हैं और उन्हें ब्रिटेन स्थित इक्वाडोर के दूतावास तक ही सीमित करके रखा गया है.
असांज को डर है कि अगर उन्होंने दूतावास की इमारत से निकलने की कोशिश की, तो उन्हें एक विदेशी अपराधी के तौर पर अमरीका को सौंप दिया जाएगा.
ऑस्ट्रेलियाई कंप्यूटर प्रोग्रामर जूलियन असांज इस बात से चिंतित हैं कि उन्होंने अफ़गानिस्तान और इराक़ युद्ध से संबंधित क़रीब 500,000 गुप्त सैन्य फाइलों की विकीलीक्स के ज़रिए रिलीज़ कर दिया था, जिसके चलते अमरीका उनकी गिरफ़्तारी की मांग कर सकता है.
यौन उत्पीड़न के सभी आरोपों को असांज शुरुआत से ही बेबुनियाद बताते आए हैं. साल 2010 में जब असांज स्टॉकहोम में एक लैक्चर देने के लिए गए थे, तो उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था.
उनपर एक महिला के रेप करने का आरोप है. लेकिन असांज इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हैं.
बीते महीने, अमरीकी अटॉर्नी जनरल जेफ़ सेशंस ने कहा था कि असांज को गिरफ़्तार करना उनकी "प्राथमिकता" थी. हालांकि, असांज पर लगे आरोपों के बारे में अमेरिकी न्याय विभाग से उन्हें कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी.
ब्रिटिश पुलिस का कहना है कि अगर असांज लंदन में इक्वाडोर के दूतावास को छोड़ दें, तो उन्हें तुरंत गिरफ़्तार कर लिया जाएगा. लेकिन दूतावास के भीतर ब्रिटेन के अधिकारी की पहुंच नहीं है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)