You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भारतीय महिला डॉक्टर ने पाकिस्तानी शौहर के साथ रहने से इनकार किया
पाकिस्तान जाकर पाकिस्तानी युवक से शादी करने वाली भारतीय महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं.
डॉक्टर उज़मा ने इस्लामाबाद की एक अदालत में अपील दायर की है और अपने पाकिस्तानी पति मोहम्मद ताहिर अली और उनके परिजनों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं.
वो वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गई थी. कहा जा रहा है कि इसी महीने तीन मई को ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद ताहिर अली से उनकी शादी हुई थी.
डॉक्टर उज़मा ने इस्लामाबाद में मजिस्ट्रेट हैदर अली की अदालत में बयान देते हुए कहा है कि उनकी शादी बंदूक की नोक पर करवाई गई है.
उनका कहना है कि वो शादी करने के लिए पाकिस्तान नहीं गईं थी बल्कि अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए वहां गईं थीं.
हालांकि अभी तक पाकिस्तान में डॉक्टर उज़मा के रिश्तेदार सामने नहीं आए हैं.
बीबीसी से बाद करते हुए उनके पति ताहिर अली ने कहा था कि दोनों की मुलाक़ात मलेशिया में हुई थी, जिसके बाद उज़मा उनसे शादी करने पाकिस्तान आईं थीं.
डॉक्टर उज़मा का कहना है कि शादी के बाद उनसे ज़बरदस्ती की गई और उनके इमिग्रेशन के दस्तावेज़ भी छीन लिए गए.
डॉक्टर उज़मा ने ताहिर के साथ जाने से इनकार करते हुए कहा है कि जब तक उनकी भारत वापसी सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक वो इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से बाहर नहीं जाएंगी.
ताहिर अली ने बीबीसी से कहा था कि वो भारत का वीज़ा लेने के लिए अपनी पत्नी के साथ पांच मई को भारतीय उच्चायोग गए थे.
ताहिर अली ने भारतीय अधिकारियों पर अपनी पत्नी को अग़वा करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया था.
ताहिर के पिता नज़ीर रहमान ने बीबीसी को बताया कि दोनों की शादी रज़ामंदी से की गई है और डॉक्टर उज़मा के साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं की गई है.
नज़ीर ने कहा, "दोनों का निकाह डगर पीर बाबा की एक स्थानीय अदालत में हुआ है और जज ने भारतीय लड़की से पूछा था कि उनकी ज़बरदस्ती शादी तो नहीं की जा रही है तो डॉक्टर उज़मा ने इसका ना में जवाब दिया था."
नज़ीर रहमान ने बताया, "डॉक्टर उज़मा को मालूम था कि ताहिर अली पहले से शादीशुदा हैं और उसके चार बच्चे हैं."
नज़ीर रहमान का दावा है कि डॉक्टर उज़मा ने जब पाकिस्तान वीज़ा के लिए आवेदन दिया था तब रिश्तेदारों में उनका ही नाम लिखवाया था.
उनका कहना है कि उनका बेटा और बहू घरवालों से अनुमति लेकर ही वीज़ा के बारे में जानकारी लेने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग गए थे.