You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पाकिस्तान ने भारत से सबूत माँगा
पाकिस्तान ने भारत से उसके दो सैनिकों का गला काटने और उनके शव को क्षत-विक्षत किए जाने के बारे में सबूत माँगा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने भारत से कहा है कि वो उसे अपने इन दावों पर 'कार्रवाई लायक सबूत' दे कि पाकिस्तान का एक विशेष सुरक्षा दस्ता नियंत्रण रेखा के पार गया, दो सुरक्षाकर्मियों के गले काटे, और उनके शवों को क्षत-विक्षत किया.
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम तोड़ने और भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत करने के भारत के आरोपों को खारिज कर दिया है.
वहीं भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत करना एक घृणित और अमानवीय कृत्य है जो सभ्यता के सारे मानदंडों से परे है और इसकी खुलकर निन्दा की जानी चाहिए.
भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ ज़िले में लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर दो भारतीय जवानों के क्षत विक्षत शव मिलने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है.
पीटीआई के अनुसार भारत के पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि दो भारतीय सैनिकों के शवों के साथ बर्बरता के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए सेना को ख़ुली छूट दी जानी चाहिए.
हॉटलाइन पर बातचीत
भारतीय सेना के डीजीएमओ (डायरेक्टर जेनरल ऑफ़ मिलिटरी ऑपरेशंस) लेफ़्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने मंगलवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ बात की और अपने दो सैनिकों के शवों के साथ की गई बर्बरता पर गहरी चिन्ता जताई.
भारतीय सेना के जनसंपर्क विभाग (एडीजी, पब्लिक इन्फॉर्मेशन) ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि भारतीय सेना के डीजीएमओ ने पाकिस्तानी कमांडर से एक मई 2017 को हुई घटना को लेकर गहरी चिंता जताई.
बयान में कहा गया है कि भारतीय कश्मीर के कृष्णा घाटी सेक्टर में, जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बट्टाल क्षेत्र के सामने है, वहाँ पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के भारतीय हिस्से में गश्त लगा रहे भारतीय दल पर हमला किया और दो सैनिकों के शव क्षत-विक्षत कर दिए.
बयान में ये भी कहा गया है कि भारतीय सेना के डीजीएमओ ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में बीएटी ट्रेनिंग कैंपों के होने को लेकर भी चिंता जताई.
बोर्डर ऐक्शन टीम
पीटीआई के अनुसार पाकिस्तान बीएटी यानी बोर्डर ऐक्शन टीम का इस्तेमाल ख़ास तौर पर सीमा-पार कार्रवाइयों में करता है जिसका मुख्य काम छिपकर हमले कर नियंत्रण रेखा पर अपना दबदबा बनाना होता है.
रक्षा मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सरीन ने बीबीसी से इस बारे में ये शायद पहली बार है जब भारतीय सेना या सरकार ने हमले में साफ़-साफ़ पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम का नाम लिया है.
उन्होंने कहा कि आम तौर पर ऐसे हमलों के लिए पाकिस्तानी सेना समर्थित लड़ाके या चरमपंथी शब्द इस्तेमाल होता रहा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)