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पाकिस्तानी नागरिक ने भारतीय अधिकारियों पर पत्नी को अग़वा करने का आरोप लगाया
भारतीय महिला से शादी करने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने अग़वा कर लिया है.
मोहम्मद ताहिर का कहना है कि उन्होंने इस बारे में पुलिस को शिकायत भी दी है.
पुलिस का कहना है कि वो शिकायत पर कार्रवाई इसलिए नहीं कर सकते हैं क्योंकि उच्चायोग के अधिकारियों को 'राजनयिक छूट' मिली हुई है.
सेक्रेट्रिएट सर्कल के पुलिस क्षेत्राधिकारी अशरफ़ शाह ने बीबीसी को बताया है कि इस शिकायत के बारे में विदेश मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है.
उनका कहना है कि आगे की कार्रवाई के लिए शिकायत को पुलिस की क़ानूनी शाख़ा को भेज दिया गया है.
अशरफ़ शाह का कहना था कि पुलिस सीधे तौर पर किसी भी दूतावास से संपर्क नहीं कर सकती है इसलिए पहले विदेश मंत्रालय को जानकारी दी गई है.
शिकायत देने वाले मोहम्मद ताहिर ने बीबीसी को बताया कि भारतीय नागरिक डॉक्टर उज़मा के साथ उनकी मुलाक़ात मलेशिया में हुई थी जिसके बाद तीन मई को उन्होंने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में उनसे शादी कर ली.
उनका कहना है कि शादी के दो दिन बाद वो अपनी पत्नी के साथ भारत का वीज़ा लगवाने के लिए इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग गए थे.
ताहिर का कहना है कि दूतावास में तैनात अधिकारियों ने उनकी पत्नी को तो दफ़्तर में अंदर बुला लिया, लेकिन उनसे बाहर रुकने के लिए कहा गया.
ताहिर का कहना है कि उनकी पत्नी भारत की राजधानी नई दिल्ली की रहने वाली हैं और शादी करने के लिए ही बार्डर के रास्ते एक मई को पाकिस्तान आईं थीं.
मोहम्मद ताहिर का कहना है कि उनकी बीवी के भाई ने फ़ोन करके बताया था कि वो भारतीय उच्चायोग में तैनात मोहम्मद अदनान से मुलाक़ात कर लें तो वो भारतीय वीज़ा दिलाने में मदद कर सकते हैं.
ताहिर का कहना है कि वो अपनी पत्नी के साथ इसी सिलसिले में भारतीय उच्चायोग पहुंचे थे.
उनका कहना है कि चार घंटे इंतज़ार करने के बाद जब उन्होंने दोबारा भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया तो उनका कहना था कि न ही उनकी पत्नी दूतावास में है और न ही उनका मोबाइल फ़ोन उनके पास है.
ताहिर का कहना है कि भारतीय अधिकारियों के इस रवैये के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी.
पाकिस्तानी विदेश विभाग का कहना है कि ये मामला भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ उठाया गया है.
पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता नफ़ीस ज़करिया ने स्थानीय अख़बार डॉन से कहा है कि उन्हें बताया गया है कि डॉक्टर उज़मा भारतीय दूतावास में बंधक नहीं हैं.
उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि ये मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.
वहीं ताहिर का ये भी कहना है कि भारतीय उच्चायोग ने उनसे संपर्क कर बताया है कि उनकी पत्नी अपनी मर्ज़ी से दूतावास में रुकी हैं.
ताहिर का कहना है कि उन्हें पत्नी से मुलाक़ात कराने का भरोसा देकर 8 मई को उच्चायोग में बुलाया गया है.
ताहिर का कहना है कि भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि वो अपना पाकिस्तानी पासपोर्ट साथ लाएं और मुलाक़ात के बाद तय कर लें कि पाकिस्तान में रहना है या भारत जाना है.
ताहिर का कहना है कि दूतावास के अधिकारियों के इस रवैये से मायूस हो जाने के बाद अब वो भारत नहीं जाएंगे.
इस बारे में बीबीसी संवाददाता ने भारतीय उच्चायोग का पक्ष जानने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन साप्ताहिक छुट्टी होने की वजह से दूतावास का पक्ष नहीं मिल सका.
वहीं पुलिस का कहना है कि मोहम्मद ताहिर जब अपनी पत्नी से मिलने भारतीय उच्चायोग जाएंगे तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी.