कोरियाई समुद्र में क्यों पहुंची अमरीकी पनडुब्बी?

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उत्तर कोरिया के एक और मिसाइल या परमाणु टेस्ट की आशंकाओं के बीच अमरीका की एक पनडुब्बी दक्षिण कोरिया पहुंची है.
मिसाइल से लैस यूएसएस मिशिगन पनडुब्बी उस जंगी बेड़े का हिस्सा होगी जिसका नेतृत्व विमानवाहक पोत कार्ल विन्सन कर रहा है.
उत्तर कोरिया मंगलवार को अपनी सेना का 85वां स्थापना दिवस मना रहा है.
दक्षिण कोरिया का कहना है कि इस मौक़े पर उत्तर कोरिया ने बड़े पैमाने पर फ़ायरिंग ड्रिल की है.
पिछले कुछ हफ्तों में अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच गर्मागर्म बयानबाज़ी हुई है जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया कुछ और परीक्षणों की योजना बना रहा होगा - उसने पिछले कुछ बड़े समारोहों को परमाणु परीक्षण कर या मिसाइल लॉन्च कर मनाया है.

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हालांकि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ''ऐसी किसी घटना का अभी तक पता नहीं चला है.''
दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरिया ने वोन्सन शहर के आसपास एक बड़ा फ़ायर ड्रिल किया है.
दक्षिण कोरियाई सेना का कहना है, ''हमारी सेना उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों को गंभीरता से मॉनिटर कर रही है.''
16 अप्रैल को उत्तर कोरिया ने एक नाकाम बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट किया था. इस पर अमरीकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सब्र की परीक्षा न ले.
बुधवार को व्हाइट हाउस में पूरी अमरीकी सीनेट को उत्तर कोरिया पर एक बैठक में मौजूद रहने को कहा गया है, जो एक सामान्य बात नहीं.
अमरीकी पनडुब्बी यूएसएस मिशिगन ने मंगलवार को दक्षिण कोरिया के बुसान बंदरगाह पर डेरा डाला है, इसे नियमित बताया जा रहा है.
दक्षिण कोरियाई अख़बार चोसुन लोबो के मुताबिक ये एक परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बी है जिसपर 154 टॉमहॉक मिसाइल और 60 स्पेशल ऑपरेशन टुकड़ी और छोटी पनडुब्बियां तैनात हैं.
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