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रूस सीरिया के राष्ट्रपति असद से दूरी बनाए: जी7
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने बीते सप्ताह सीरिया में हुए रसायनिक हमलों और उसके बाद सीरिया पर अमरीकी मिसाइल हमलों के बाद के हालात पर चर्चा की है.
एक ब्रितानी अधिकारी के मुताबिक दोनों नेताओं में इस बात पर सहमति बनी है कि अब रूस को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ अपने संबंधों पर फिर से सोचने के लिए मनाने का एक नया मौका है.
सीरिया में बीते सप्ताह हुए रसायनिक हमले के बाद सीरियाई युद्ध पर एकीकृत दृष्टिकोण बनाने के लिए जी-7 देशों के विदेश मंत्री इटली में दो दिवसीय वार्ता करे हैं.
वार्ता में हिस्सा ले रहे विदेश मंत्री रूस पर सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद से दूरी बनाने के लिए दबाव बनाना चाहते हैं.
ब्रितानी विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है कि रूसी सेना पर संभावित प्रतिबंधों पर भी चर्चा की जाएगी.
सहयोगी देश अमरीका से अपनी सीरिया नीति स्पष्ट करने के लिए भी कहेंगे.
अमरीका ने सीरिया को लेकर मिश्रित संकेत दिए हैं.
बीते सप्ताह विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले क़स्बे ख़ान शेख़ून पर हुए रसायनिक हमले में 89 लोग मारे गए थे.
अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने इस हमले को रोकने में नाकाम रहने पर रूस की तीखी आलोचना की है.
उन्होंने ये भी कहा है कि सीरिया को लेकर अमरीका की सैन्य नीति में कोई बदलाव नहीं आया है.
टिलरसन ने सीरिया में अमरीकी मिसाइल हमलों के बाद कहा है कि अमरीका की पहली प्राथमिकता तथाकथित इस्लामिक स्टेट को हराना है.
इसी बीच अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा है कि सीरिया के हवाई अड्डे पर किए गए अमरीकी मिसाइल हमले में सीरियाई वायु सेना के कुल 20 प्रतिशत विमान नष्ट हो गए हैं.
मैटिस ने कहा कि सीरिया की सरकार अगर दोबारा रासायनिक हमला करती है तो ये बुरा फ़ैसला होगा.
वहीं ब्रितानी विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि संदेश स्पष्ट होना चाहिए. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से दूरी बनाने के लिए विवश किया जाए.
जॉनसन ने कहा, "वो अपने देश के नागरिकों को ही ज़हर देने वाले व्यक्ति का साथ देकर रूस की साख ख़राब कर रहे हैं."
अमरीकी विदेश मंत्री टिलरसन इटली में जी-7 देशों की वार्ता के बाद मंगलवार को मॉस्को जाएंगे.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने एक वरिष्ठ यूरोपीय राजनयिक के हवाले से कहा है कि अमरीका सीरिया में सत्ता परिवर्तन के लिए अंधेरे में तीर चला रहा है.
जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं. इसमें यूरोपीय संघ का भी प्रतिनिधित्व है.
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