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सीरिया पर कौन अमरीका के साथ और कौन ख़िलाफ़?
सीरिया में संदिग्ध रासायनिक हमले के ख़िलाफ़ की गई अमरीकी कार्रवाई पर दुनिया भर के देशों की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही है.
सीरियाई सेना ने पुष्टि की है कि इस हमले में सेना को काफ़ी नुकसान हुआ है और छह लोगों की मौत हो गई है.
होम्स के मेयर तलाल बाराज़ी ने बताया कि इस हमले में आम नागरिकों की मौत हो गई है.
उन्होंने बीबीसी से बातचीत में अमरीकी कार्रवाई की निंदा की और कहा कि उन्हें कोई अचंभा नहीं हो रहा कि अमरीका और इसरायल चरमपंथ का साथ दे रहे हैं.
सीरिया में अमरीका की सीधी कार्रवाई का कई देशों ने समर्थन किया है तो कई देशों ने इसकी आलोचना की है.
कौन दे रहा है अमरीका को समर्थन?
ब्रिटेन
ब्रिटेन की सरकार ने अमरीकी हमले का पूरा समर्थन किया है. ब्रितानी रक्षा मंत्री माइकल फ़ैलन ने अमरीकी कार्रवाई को सही और सीमित बताया.
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में माइकल फ़ैलन ने कहा कि ब्रिटेन और अमरीका के बीच इन दिनों व्यापक स्तर पर बातचीत जारी है.
तुर्की
तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैयप अर्दोआन ने अमरीकी कार्रवाई को सीरिया में हो रहे कथित युद्ध अपराध का सही जवाब बताया है.
उनके प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने कहा, " शायरत एयरबेस की तबाही एक अहम क़दम है जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि आम लोगों पर रासायनिक और पारंपरिक हमलों की सज़ा दी जाए."
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सीरिया में नो-फ़्लाई ज़ोन और सुरक्षित हवाई क्षेत्र लागू किए जाएं.
इसरायल
इसरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर अमरीकी कार्रवाई का पूरा समर्थन किया है.
उनके बयान में कहा गया है, " राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने शब्दों और फ़ैसलों से कड़ा संदेश दिया है कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल और प्रसार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. "
इसरायल ने कहा है कि अमरीका के इस कदम से दमिश्क के साथ तेहरान और प्योंगयांग को भी कड़ संदेश जाएगा.
कौन से देश हैं अमरीकी कार्रवाई के ख़िलाफ़?
रूस
सीरियाई सरकार के मुख्य सैन्य सहयोगी रूस ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करने वाली और मनगढ़ंत आधार पर की गई आक्रामक कार्रवाई बताया.
रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोफ़ ने अमरीका और रूस के पहले से खस्ताहाल संबंधों के गंभीर रूप से बिगड़ने की चेतावनी दी.
लेकिन रूस की संसद ड्यूमा ने संकेत दिए हैं कि अमरीकी कार्रवाई के बाद रूस अपने हमले तेज़ नहीं करेगा.
वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूस अमरीका के साथ हवाई सुरक्षा समझौते को निलंबित कर रहा है.
चीन
चीनी सरकार ने सीरिया में बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि किसी देश, संस्था, व्यक्ति की तरफ़ से किसी भी हालत में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का चीन विरोध करता है लेकिन सबसे ज़रूरी है कि सीरिया की हालत को और न बिगड़ने दिया जाए.
चीन सीरिया के गृहयुद्ध के राजनीतिक समाधान की बात तो करता है लेकिन वो रूस के साथ मिलकर सीरिया से जुड़े प्रस्ताव को वीटो कर चुका है.
ईरान
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थक ईरान ने अमरीकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है.
ईरान की समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक़ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाहरम क़ासेमी कहा कि अमरीकी कार्रवाई से सीरिया और इस क्षेत्र में चरमपंथियों को बल मिलेगा.
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