कैसे अपना लक्ष्य भेदती है टॉमहॉक मिसाइल

शुक्रवार को भूमध्यसागर में मौज़ूद दो अमरीकी युद्ध पोतों ने सीरिया के एक हवाई अड्डे पर 59 टॉमहॉक मिसाइलें दागी हैं.

अमरीका पिछले 20 साल से हमले के लिए टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है.

आइए हम आपको बताते हैं कि टॉमहॉक मिसाइलें हैं क्या और इनका इस्तेमाल हमले के लिए क्यों किया जाता है.

सटीक निशाना

छह मीटर लंबी और क़रीब डेढ़ टन वजनी यह क्रूज मिसाइल अपने साथ 454 किलो तक के हथियार ले जा सकती हैं.

इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इससे कम ऊंचाई से भी हमला किया जा सके. यह मिसाइल 885 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 16 सौ किमी की दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य पर भी निशाना साध सकती है.

इसके संचालन में जीपीएस तकनीकी का इस्तेमाल होता है. हालांकि यह संभव है कि टॉमहॉक मिसाइल भी फेल हो जाए. लेकिन यह अपने निशाने से केवल 10 मीटर ही भटक सकती है.

अमरीका में रेथियान नाम की कंपनी इसे बनाती है. यह दुनिया की सबसे आधुनिक क्रूज मिसाइल, यानी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है.

इसका अबतक युद्ध में दो हज़ार से अधिक बार प्रयोग और पांच सौ से अधिक बार परिक्षण हो चुका है.

लीबिया पर हमला

1990 के दशक में हुए खाड़ी युद्ध के समय से ही टॉमहॉक अमरीका के लिए एक प्रमुख हथियार बना हुआ है.

नैटो की ओर से मुअम्मर गद्दाफ़ी के कार्यकाल में लीबिया पर 2011 में हुए हमले में भी टॉमहॉक मिसाइलों का प्रयोग किया गया था.

अमरीका ने सितंबर 2014 में सीरिया में तथाकथित इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ हमले में भी इस मिसाइल का प्रयोग किया था.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक फारस की खाड़ी और लाल सागर में मौजूद दो युद्ध पोतों से 47 टॉमहॉक मिसाइलें छोड़ी गई थीं.

इस साल के शुरू में ओबामा प्रशासन ने रक्षा बजट में कटौती को ध्यान में रखते हुए टॉमहॉक मिसाइलों का उत्पादन बंद करने की योजना बनाई थी. लेकिन डोनल्ड ट्रंप ने इस योजना को बदल दिया.

हवा में निशाना

पिछले साल दिसंबर में रेथियान को अमरीकी सेना के लिए 214 टॉमहॉक ब्लॉक फोर मिसाइलें बनाने के लिए 30 करोड़ डॉलर का ठेका मिला. कंपनी को इनकी सप्लाई अगस्त 2018 तक करनी है.

टॉमहॉक मिसाइलों के इस संस्करण को एक बार छोड़े जाने के बाद भी इसके निशाने को हवा में ही बदला जा सकता है.

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