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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की पीठ पर कौन सवार हो गया?
पिछले हफ़्ते उत्तर कोरिया के एक रॉकेट इंजन परीक्षण के बाद वहां के सरकारी मीडिया से जुड़ा प्रॉपेगैंडा सामने आता रहा है. अब उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के जश्न की एक तस्वीर सामने आई है, जिससे और भ्रम बढ़ा है. इस मामले में बीबीसी ने और जानकारी इकट्ठा की.
इंजन परीक्षण को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह सफल रहा और रॉकेट इंडस्ट्री में उत्तर कोरिया के लिए यह 'नए जन्म' की तरह है. निश्चित रूप से किम जोंग-उन ख़ुश थे. वहां की सरकारी न्यूज़ एजेंसी केसीएनए ने तस्वीरें भी जारी की थी.
तस्वीर में वे दूर से मिसाइल को देख रहे थे. उनके चेहरे पर मुस्कान है. वह साथ के अधिकारियों से हाथ मिला रहे हैं. इसी तस्वीर में उनके कंधे पर एक बुजुर्ग अफ़सर सवार है. आख़िर एक तानाशाह के कंधे पर इस तरह से कौन सवार है और क्यों है?
पर्यवेक्षकों का मानना है कि वह रहस्यमय आदमी उत्तर कोरिया की राजनीति में कोई जाना-पहचाना नाम नहीं है. कहा जा रहा है कि इंजन के परीक्षण में उस शख़्स की अहम भूमिका रही है. शायद किम से उनकी पहले भी बातचीत होती रही है.
उत्तर कोरियाई पर्यवेक्षक मिशेल मैडेन ने कहा कि व्यक्ति की पोशाक पर जो तमगा है, उससे संकेत मिलता है कि वह केपीए स्ट्रैटिजिक फोर्स में मध्य रैंक का अधिकारी है जो मिसाइल फोर्स का प्रभारी होता है.
मैडेन जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में अमरीकी-कोरिया इंस्टिट्यूट से जुड़े हैं. वे कहते हैं, "हालांकि यह तस्वीर लगभग मंच-प्रायोजित लगती है. पर यह तस्वीर पूरी तरह से बनावटी नहीं थी. छवि गढ़ने की कोशिश करने के बजाए ये तस्वीर उत्साह बढ़ाने के एक संकेत की तरह है."
उत्तर कोरिया में प्रॉपेगैंडा फ़िल्मों ने अतीत में यह भी दिखाया था कि किम से नागरिकों को मिलने की अनुमति है.
दोस्ताना और उत्सव
इस तस्वीर का मुख्य उद्देश्य देश में किम की छवि को चमकाना है. उन्हें लोगों के बीच ख़ुशमिजाज़ शख़्स दिखाने की कोशिश की गई है.
सोल में कोरिया यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर जाई-च्यों का कहना है कि किम ख़ुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हठी और समझौता स्वीकार नहीं करने वाले नेता के रूप में पेश करते हैं, लेकिन देश के भीतर दूसरी ही कहानी है.
उन्होंने कहा, ''हम लोग जानते हैं कि वह काफी सख्त हैं. जो उनकी आज्ञा नहीं मानता है, उसके प्रति वह काफ़ी कठोर हैं. दूसरी तरफ प्रचार-प्रसार में उनकी दूसरी तस्वीर पेश की जाती है.''
मैडेन ने कहा कि किम अपने पूर्ववर्तियों से इस मामले में उलट हैं. इनके पूर्ववर्ती ख़ुद के प्रति प्यार से ज़्यादा डर पैदा करने में भरोसा करते थे.
उन्होंने कहा, ''किसी व्यक्ति की हिम्मत नहीं है थी कि वह उनके पिता या दादा की पीठ पर सवार हो जाए. किम जोंग-उन ने अपने पिता के मुकाबले ख़ुद को पारस्परिक आधार पर ज़्यादा खुला रखने की कोशिश की है. वह अपने नेतृत्व में लोगों के भरोसे को भी हासिल करने की मंशा रखते हैं. अगर वह सुरक्षित महसूस नहीं करते तो इस तस्वीर को सार्वजनिक नहीं होने दिए होते.''