बिना फ़िरौती के लुटेरों ने छोड़ा जहाज़

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अधिकारियों के मुताबिक एक तेल टैंकर को अगवा करनेवाले सोमाली लुटेरों ने बिना किसी फ़िरौती के उसे छोड़ दिया है.
एक नाव को लेकर लुटेरों और नौसेनिकों के बीच हुई गोलीबारी के घंटों बाद ये ख़बर मिली है.
समझा जा रहा था कि उस नाव में लुटेरों के लिए रसद थी.
जीबुती से सोमालिया की राजधानी मोगादिशू जा रहे तेल टैंकर पर लुटेरों ने बीते सोमवार को कब्ज़ा कर लिया था.
इस टैंकर पर श्रीलंका के आठ नाविक सवार थे.
2012 के बाद सोमालिया के समुद्र तट के क़रीब हुई अपहरण की ये पहली घटना है.
पंटलैंड मैरीटाइम पुलिस फ़ोर्स के महानिदेशक अब्दुर्रहमान महमूद हसन ने कहा, "गोलीबारी के बाद से ही बातचीत चल रही थी. हमने अपनी सेना पीछे हटा ली और फिर लुटेरे चले गए."
समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक एक लुटेरे ने पुष्टि की है कि तेल टैंकर को बिना किसी फ़िरौती की रकम लिए छोड़ा गया है.
बीबीसी को जानकारी मिली है कि गुरुवार को हुई गोलीबारी में चार लोग ज़ख्मी हुए हैं.
तेल लेकर जा रहा टैंकर संयुक्त अरब अमीरात का है.

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बुधवार को यूरोपीय संघ के एंटी पायरेसी नेवल फ़ोर्स ने कहा था कि लुटेरों ने फ़िरौती की मांग की है.
हाल के वर्षों में सोमालिया के तट पर समुद्री लूट के वारदातों में कमी आई है.
इसकी वजह है समुद्र में अंतरराष्ट्रीय सेना की चौकसी और गश्ती और स्थानीय मछुआरा समुदायों से मिलनेवाला सहयोग.
साल 2011 में जब समुद्री लूट का संकट चरम पर था तब लुटेरों के 237 हमले हुए थे और लूट का सालाना पैमाना क़रीब आठ अरब डॉलर आंका गया था.
साल 2015 में सोमालियाई अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय नौकरियों के अवसर पैदा करने में मदद नहीं करेगा तो समुद्री लूट की वापसी हो सकती है.
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