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"नाजियों जैसा बर्ताव कर रहे हैं जर्मन अधिकारी"
तुर्की के राष्ट्रपति रिचप तैयप एर्दोआन ने जर्मनी के अधिकारियों की तुलना नाज़ियों से की है.
उन्होंने कहा है, "आप जो व्यवहार कर रहे हैं वो इतिहास में दर्ज नाज़ियों के व्यवहार से अलग नहीं है."
एर्दोआन ने जर्मनी के कई शहरों में होने वाली रैलियों पर बैन लगाए जाने के बाद ये आरोप लगाये हैं. इन रैलियों में तुर्क नेता भाषण देने वाले थे.
एर्दोआन इसी साल अप्रैल में देश के संविधान में अहम बदलाव लाने के बारे में जनमत संग्रह कराने वाले हैं. इस जनमत संग्रह में जर्मनी में रहने वाले 14 लाख तुर्क भी वोट दे सकते हैं.
इसमें वोटरों से सवाल किया जाएगा कि क्या वो देश में एक नए संविधान का समर्थन करेंगे जिसके तहत देश संसदीय गणतंत्र से राष्ट्रपति प्रशासित देश बन जाएगा.
बताया जा रहा है कि इसके बाद राष्ट्रपति के तौर पर एर्दोआन को उन्हें बजट, मंत्रियों और जजों की नियुक्ति और संसद को भंग करने संबंधी नई शक्तियां मिल सकती है.
जर्मनी के कोलोन शहर में पुलिस की तैनाती कर दी गई है जहां तुर्की के वित्त मंत्री निहत ज़ेबेकी को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था. आयोजकों का कहना है कि जनमत संग्रह के काफी पहले इसके लिए व्यवस्था की गई थी.
अधिकारियों ने गैगानाउ और फ्रेख़न में होने वाली रैलियों की इजाज़त रद्द कर दी है.
बीते साल हुए नाकाम तख़्ता पलट की कोशिशों के बाद अपने प्रतिद्वंदियों पर कठोर कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एर्दोआन को काफी आलोचना झेलनी पड़ी है.
एर्दोआन ने दर्जनों तुर्की पत्रकारों और लेखकों को गिरफ्तार कर लिया और बड़ी संख्या में राजनेताओं और सैनिकों को दूसरे देशों में पनाह लेनी पड़ी.
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