दबंग राजा ट्रंप और उनकी ट्रंपनीति

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- Author, ब्रजेश उपाध्याय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वाशिंगटन
ब्रेकिंग न्यूज़: वाशिंगटन के चिड़ियाघर से एक जंगली बिल्ला भाग निकला है. आस-पास के स्कूलों में चेतावनी जारी की गई है कि नज़र आने पर उसके आस-पास न जाएं और फ़ौरन पुलिस को ख़बर करें.
बिल्ला मूलत: मेक्सिको और कनाडा के जंगलों से है, लेकिन उसने जब से होश संभाला है ख़ुद को अमरीकी ही समझता रहा है. उसकी नस्ल के हज़ारों बिल्ले बरसों पहले अमरीकी जंगलों में घुस आए और यहां फल-फूल रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार चिड़ियाघर में बिल्ले के पिंजरे के पास ही दो-तीन मगरमच्छ हैं जो फ़्लोरिडा राज्य से हैं और ख़ुद को बिल्कुल कुलीन वर्ग का अमरीकी मानते हैं. उन्हीं में से एक ने बिल्ले से कहा था कि देश में नया राजा आया है और वो उसे वापस मेक्सिको भेजने जा रहा है.
ये मगरमच्छ ये भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि इस राजा के राज में वो जिसे चाहें, जहां चाहें, जब चाहें दबोच सकते हैं क्योंकि राजा ख़ुद भी ऐसा कर चुके हैं.

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चिड़ियाघर में घबराहट का माहौल है क्योंकि कोई नहीं जानता कि राजा का अगला फ़रमान क्या होगा और यहां का बाहुबली कौन होगा.
यहां रहने वाले बाघ और हाथी दोनों ही भारतीय मूल के हैं. वो भी चिंतित हैं लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं क्योंकि राजा के एक जाननेवाले भारतीय ने उनसे कहा है कि उनपर कोई ख़तरा नहीं है क्योंकि राजा को फ़िलहाल उनकी ज़रूरत है.
लेकिन सूत्रों का कहना है कि एक बाघ जो कुछ साल पहले सरहद पार करके पाकिस्तान चला गया था वो ख़ासा परेशान है. किसी ने उसे भी मगरमच्छ से बात करते हुए देखा था.

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पांडा चीन से यहां आया है और उसके बारे में सबको पता है कि वो चीनी है. वो भी वापस नहीं लौटना चाहता और इन दिनों "मेक अमरीका ग्रेट अगेन" वाली लाल टोपी पहनकर घूम रहा है. ये टोपी चीन में बनी है.
बाकी जानवरों ने जब से ये सुना है कि सात देशों पर राजा की इन दिनों ख़ास नज़र है तब से वो पता करने में लगे हैं कि वो मूलत: किस देश से हैं.
काले मुंह वाला लंगूर अपने पिंजरे के अंदर ही लगे पेड़ की ऊंची टहनी पर चुपचाप बैठा हुआ है. उसे वहां से राजा का महल बिल्कुल साफ़ नज़र आता है.

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ये महल बिल्कुल सफ़ेद है और इन दिनों ख़ूब चमक रहा है. नई-नई सफ़ेदी हुई है. आठ साल से नज़र आ रहे काले धब्बे बिल्कुल साफ़ हो गए हैं.
उसने रेडियो पर सुना है कि अमरीका ने आठ साल पहले की गई एक ग़लती सुधार ली है. अब हर जगह सफ़ेद का बोलबाला है, मुल्क भी सफ़ेद, महल भी सफ़ेद, राजा भी सफ़ेद.
लंगूर को इन दिनों महल के आसपास से अक्सर देशभक्ति के नारे सुनाई देते हैं और हर जगह "अमेरिका फर्स्ट" की गूंज सुनाई देती है.
राजा के बारे में उसने सुना है कि वो कूटनीति नहीं ट्रंपनीति में यकीन करते हैं जो बग़ैर लाग-लपेट वाली होती है. अगर किसी दूसरे देश के राजा की बातें पसंद नहीं आईं तो सीधा फ़ोन काट देते हैं, किसी को धमकाना हो तो ट्विटर पर धमकी दे डालते हैं.

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राजा दबंगई में यकीन रखते हैं और ख़ुद को दुनिया का सबसे बड़ा 'डीलमेकर' कहलाना पसंद करते हैं.
काले मुंह वाले लंगूर ने पड़ोस के घर की ड्राइंग रूम में लोमड़ी न्यूज़ चैनल पर सुना है कि राजा सूरज के साथ डील कर रहे हैं कि उसकी रौशनी सिर्फ़ अमरीका पर पड़े और बाकी अगर उसका इस्तेमाल करें तो उन्हें अमरीका को उसकी कीमत अदा करनी होगी.
तारों से भी बात चल रही है कि खुले आसमान में जब वो चमकें तो लड़ी ऐसी बनाएं कि राजा का नाम उसमें लिखा नज़र आए.
लंगूर ने फ़ेक न्यूज़ के बारे में सुन रखा है लेकिन सवाल नहीं उठाता क्योंकि उसे डर है कि राजा उसे भी मीडियावालों की तरह बेईमान न कहने लगें.

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वैसे भी वो दुनियाभर की ख़बरों से वाकिफ़ रहता है और उसे पता है कि इन दिनों ख़ुद को लोकतंत्र कहनेवाले एक देश में ब्लॉगरों को उठा लिया जा रहा है और दूसरे में हिंदू-मुसलमान के इश्क की कहानी फ़िल्माने वाले डायरेक्टर की धुनाई हो जाती है. उसे मालूम है राजा टीवी बहुत देखते हैं और अगर उन्हें ये बातें पता चली तो क्या पता वो यहां के लोकतंत्र में भी ये तरकीबें इस्तेमाल करने लगें.
आख़िर राजा पहले से ही अपनी कंपनियों में बाहर की बनी चीज़ें ही इस्तेमाल करते रहे हैं.

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ब्रेकिंग न्यूज़: जंगली बिल्ला वापस चिड़ियाघर लौट आया है. उसकी सघन पूछताछ चल रही है. वो कहां गया था, किससे मिला, किसी मस्जिद के आस-पास तो नहीं गया, वगैरह-वगैरह.
सूत्रों के अनुसार उसने फ़िलहाल यही बताया है कि उसे बंद दड़बे में रहने की आदत पड़ चुकी है. खुला जंगल उसे रास नहीं आया इसलिए लौट आया.
राजा की प्रतिक्रिया क्या होगी उसके लिए उनके अगले ट्वीट का इंतज़ार किया जा रहा है.
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