You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
'नरसंहारक उन्माद' है जिहादी हमले: पोप
पोप फ्रांसिस ने हाल में दुनिया भर में लगातार बढ़ते जा रहे 'धार्मिक रूढ़िवाद से प्रेरित हमलों' को 'नरसंहारक उन्माद' कहकर निंदा की है.
वैटिकन में एक सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि " किसी को कभी भी परमेश्वर के नाम पर नहीं मारा जा सकता है."
पोप ने यह कहकर चेताया भी कि गरीबी के चलते उग्रवाद को पनपने का मौका मिल रहा है.
यूरोप, अफ़्रीका, एशिया, मध्य-पूर्व और अमरीका में साल 2016 में हुए जिहादी हमलों में कई लोग मारे गए हैं.
पोप ने कहा, "हम एक नरसंहारक उन्माद वाले माहौल का सामना कर रहे हैं जिसमें सत्ता और ताकत पाने के लिए ईश्वर के नाम का इस्तेमाल कर मौत बांटी जा रही है."
उन्होंने आगे कहा, "मैं सभी धर्मों के गुरुओं से अपील करता हूं कि वो साफ़ तौर पर इस धारणा को मज़बूत बनाए कि भगवान के नाम पर किसी की हत्या नहीं की जा सकती. "
पिछले साल जुलाई के महीने में फ्रांस और बेल्जियम में हुए जानलेवा हमलों के बाद पोप फ्रांसिस ने आगाह किया था कि यूरोप में होने वाले हमले इस बात के गवाह है कि, "पूरी दुनिया में युद्ध की स्थिति बनी हुई है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)