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बर्लिनः पुलिस को 'चरमपंथी हमले' का संदेह
जर्मन पुलिस का कहना है कि बर्लिन में एक व्यस्त क्रिसमस बाज़ार में ट्रक जान-बूझकर घुसाया गया था जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई.
उन्होंने इसे एक संदिग्ध आतंकवादी हमला बताया है.
उन्होंने ट्रक के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है. सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि वो अफ़ग़ानिस्तान या पाकिस्तान का शरणार्थी हो सकता है.
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए का कहना है कि वो फ़रवरी में जर्मनी आया था.एक स्थानीय अख़बार ने लिखा है कि पुलिस को मामूली अपराधों के संबंध में इस व्यक्ति की जानकारी थी मगर उसका चरमपंथ से कोई संपर्क नहीं था.
इस बीच जर्मनी में एक आप्रवासी विरोधी पार्टी एएफ़डी के राजनेता इस घटना को चांसलर एंगेला मैरकल की प्रवासियों को जर्मनी बुलाने की नीति से जोड़ रहे हैं जिसके कारण पिछले साल जर्मनी में लगभग 10 लाख लोग पहुँचे.
एंगेला मैरकल की पार्टी के एक सांसद ने भी स्वीकार किया है कि बर्लिन हमले से देश में असुरक्षा का भाव बढ़ेगा और जर्मन लोगों में कट्टरता का ख़तरा बढ़ेगा.
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक व्यस्त क्रिसमस बाज़ार में एक ट्रक के दौड़ा देने से कम-से-कम 12 लोगों की मौत हो गई है और 50 लोग घायल हो गए हैं.
पुलिस के अनुसार इस ट्रक का लाइसेंस प्लेट पड़ोसी देश पोलैंड का है और इसमें एक पोलैंड का नागरिक बैठा था जिसकी घायल होने के बाद मौत हो गई.
पोलैंड की मीडिया में कहा जा रहा है कि शायद ये ट्रक सोमवार को चुराया गया हो.
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार पुलिस को लगता है कि लॉरी बाज़ार के भीतर करीब 50 से 80 मीटर तक दौड़ती रही. उस वक़्त वहाँ रात के सवा आठ बज रहे थे.
इस संदिग्ध हमले के बाद फ़्रांस के क्रिसमस बाज़ारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वहाँ नीस शहर में इस साल 14 जलाई को ऐसा ही एक ट्रक हमला हुआ था जिसमें 86 लोग मारे गए थे.
नीस हमले की ज़िम्मेदारी तथाकथित इस्लामिक स्टेट गुट ने ली थी.(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)