चेचन्या: शादियों पर 'नैतिक पुलिस' की नज़र

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चेचन्या की सरकार ने शादियों पर नज़र रखने के लिए ख़ास अफ़सरों को तैनात करने का फ़ैसला किया है.
ये अफ़सर शादी के दौरान होने वाले 'अनुचित व्यवहार' रोकेंगे. मीडिया ने इन्हें 'नैतिक पुलिस' क़रार दिया है.
कार्यकारी संस्कृति मंत्री खोज़ा-बाऊदी दायेव ने कहा, "विशेष कार्यकारी समूह सार्वजनिक जगहों में होने वाली सभी शादियों में शिरकत करेंगे. यदि पोशाकें और नृत्य की भंगिमाएं राष्ट्रीय रीति रिवाजों और परंपराओं के ख़िलाफ़ हुईं तो शादी रोक दी जाएंगी."
सरकार ने एक साल पहले राजधानी ग्रोज़्नी में बताया था कि लोगों को रेस्त्रां में क्या करना चाहिए और क्या नही.
इसके पहले कई शादी समारोहों पर छापे मारे गए. लेकिन सरकार का मानना है कि समारोहों में हदें पार करने से रोकने के लिए उपाय किए जाने की ज़रूरत है.
राष्ट्रपति रमज़ान कादीरोफ़ और दूसरे लोग 'पश्चिमी सभ्यता' की निंदा कर चुके हैं.
उनका कहना कि इससे रूस के मुस्लिम बहुल गणराज्य कॉकेसस में शादी की परंपराएं ख़त्म हो रहीं हैं.
अब शादियों में लोग शराब पीते हैं, जश्न मनाने के लिए गोलियां चलाते हैं, छोटे कपड़े पहनते हैं, नाचते हैं और दूल्हा-दुल्हन केक काटते हैं.
इस मामले में समय समय पर दी गईं चेतावनियों का कोई असर नहीं पड़ा. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर उनका मज़ाक भी उड़ाया गया.
'नैतिक पुलिस' तैनात करने के ऐलान की घोषणा से ग्रोज़्नी के एक निवासी बेहद गुस्से में है.
उन्होंने कवाज़की उज़ेल न्यूज साइट से कहा है, ''अधिकारी लोगों को अधिक से अधिक नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं.''
लेकिन, दूसरे कुछ लोग मंत्री से सहमत हैं. उनका मानना है कि विदेशी प्रभाव बहुत बढ़ चुका है. एक महिला ने कहा, "परंपरागत शादियां अक्सर डिस्को में तब्दील हो जाती हैं."
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