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नीतीश और मोदी एक मंच पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाँचवे चरण के लिए चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपनी ताकत पंजाब में झोंक रहा है. अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में रविवार को लुधियाना में महारैली का आयोजन किया गया है. इस रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ दिखे हैं. इसके पहले नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी से दूरी बनाए रखी थी. इस रैली की दूसरा बड़ा पहलू तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का एनडीए में आना है. टीआरएस अध्यक्ष टी राजशेखर राव लुधियाना में रैली में शामिल हुए हैं. इस रैली की अहमियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें एनडीए की ओर से आठ राज्यों के मुख्यमंत्री, भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता हिस्सा ले रहे हैं. प्रत्याशी 13 मई को होने वाले चुनाव में लुधियाना में कांग्रेस ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मनीष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है तो अकाली दल की ओर से गुरचरण सिंह गालिब मैदान में हैं. कई राज्यों में चुनाव ख़त्म हो चुके हैं और अब बाकी राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए यूपीए और एनडीए दोनों ही कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहीं. लुधियाना में हो रही को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, इसीलिए रैली में नेताओं की पूरी फ़ौज उतारी जा रही है. अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल प्रचार की अगुआई कर रहे हैं. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ से रमन सिंह, बिहार से नीतीश कुमार, बीसी खंडूरी, बीएस येदियुरप्पा ये सब मुख्यमंत्री अकाली दल और भाजपा के लिए प्रचार करेंगे. इसके अलावा जनता दल-यू के शरद यादव और राष्ट्रीय लोक दल के अजित सिंह भी रहेंगे. शिव सेना और एजीपी तक के नेताओं को बुलाया गया है. तेलंगाना राष्ट्र समिति लुधियाना की अहम रैली से पहले एनडीए गठबंधन अपने साथ एक साथी जोड़ने में भी कामयाब हो गया है. तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष टी राजशेखर राव लुधियाना में रैली में शामिल होंगे. लुधियाना में पंजाब के लोगों के वोट तो हैं ही, इस औद्योगिक नगर में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग आकर काम करते हैं और वोट देते हैं. इस क्षेत्रीय वोटबैंक को लुभाने के लिए भी हर प्रदेश के नेताओं की फ़ौज बुलाई गई है. शनिवार को ही कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने भी लुधियाना में रैली की थी. इसलिए अपनी रैली को सफल बनाने के लिए अकाली दल और भाजपा जी तोड़ कोशिश में लगे हुए हैं. इस नज़रिए से लुधियाना का मुकाबला काफ़ी दिलचस्प बन गया है. चुनाव प्रचार के आख़िरी दिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ख़ुद पंजाब का दौरा करने वाले हैं और अमृतसर में चुनावी रैली करेंगे. देश के पहले सिख प्रधानमंत्री होने के नाते कांग्रेस मनमोहन सिंह के नाम का ख़ूब प्रचार कर रही है. पंजाब में दूसरे चरण मे नौ सीटों पर 13 मई को मतदान होना है. मुख्य मुक़ाबला अकाली दल- भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच है. |
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