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बादल-अमरिंदर परिवार के बीच मुकाबला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र या बिहार जैसे अहम राजनीतिक राज्यों के मुकाबले पंजाब का राजनीतिक कद्द शायद उतना बड़ा न हो पर 13 संसदीय सीटों वाले इस राज्य में मुकाबला दिलचस्प ज़रूर है. टक्कर मुख्य तौर पर तो अकाली दल-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच है लेकिन बारीकी से नज़र डालें तो कई बड़ी सीटों पर मुकाबला चंद राजनीतिक घरानों के इर्द गिर्द घूमता नज़र आता है. सात मई को होने वाले चुनाव में पंजाब की चार सीटों में मतदान होगा-भटिंडा, पटियाला, फिरोज़पुर और संगरूर. पंजाब की सारी सीटों में से शायद सबसे दिलचस्प लड़ाई भटिंडा सीट पर है. एक ओर जहाँ अकाली दल ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की बहू और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर को उतारा है तो दूसरी ओर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर सिंह. यानी दो पार्टियों के बीच मुकाबले के बजाय ये बादल परिवार बनाम अमरिंदर सिंह परिवार की बीच का मुकाबला बन गया है. वंशवाद का आरोप कांग्रेस लंबे समय से झेलती आई है लेकिन अब अकाली दल को भी इस आरोप का सामना करना पड़ रहा है. पंजाब शायद देश का पहला राज्य है जहाँ पिता-पुत्र एक ही मंत्रिमंडल में हैं. इसके अलावा बादल परिवार के कई रिश्तेदार भी कई पदों पर हैं और लोग इसे किचन कैबिनट भी कह रहे हैं. ख़ैर भटिंडा की बात करें तो हरियाणा की सीमा से सटी, कपास बेल्ट वाली भटिंडा सीट ऐतिहासिक नज़रिए से काफ़ी अहम है. दिल्ली के तख़्त पर बैठने वाली पहली महिला शासक रज़िया सुल्ताना को यहीं के क़िला मुबारक़ में क़ैद करके रखा गया था. लेकिन राजनीतिक दृष्टि से भटिंडा इससे पहले कभी इतनी अहम नहीं रहा. इस बार के चुनाव में सुखबीर सिंह बादल और अमरिंदर सिंह दोनों ही यहाँ से अपने परिवारजनों की जीत सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. घरेलू मामला
वहीं पटियाला सीट से अमरिंदर सिंह की पत्नी ‘महारानी’ परनीत कौर एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. अमरिंदर सिंह का ताल्लुक़ पटियाला राजघराने से है. बादल परिवार और अमरिंदर सिंह के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिदंद्विता रही है. पंजाब की और भी कई सीटों पर राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवार मैदान में हैं. पंजाब की आनंदपुर साहब संसदीय सीट से कांग्रेस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू को उम्मीदवार बनाया है. तो फ़रीदकोट (रिज़र्व) सीट से पंजाब के पूर्व मंत्री सरदूल सिंह के बेटे सुखविंदर सिंह डैनी को कांग्रेस ने चुना है. वे राहुल गांधी की करीबी माने जाते हैं. पंजाब में बाकी बची नौ सीटों पर मतदान 13 मई को होगा. पिछले बार के लोक सभा चुनावों में कांग्रेस के खाते में केवाल दो सीटें आई थीं, भाजपा ने तीन और अकाली दल ने आठ सीटें जीती थीं. अकाली दल और भाजपा इस बार भी साथ-साथ हैं तो कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें पंजाब: पिता और पुत्र एक ही मंत्रिमंडल में21 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस सुप्रीम कोर्ट का पंजाब सरकार को नोटिस26 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस विधानसभा से अमरिंदर की सदस्यता रद्द10 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस सरकार को समर्थन नहीं: अकाली दल15 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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