|
एनडीए के नेताओं ने एकजुटता दिखाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुनावी महासमर के आख़िरी पड़ाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने लुधियाना शहर में महारैली कर शक्ति प्रदर्शन किया है. एक ओर जहाँ तेंलगाना राष्ट्रीय समिति के रूप में एनडीए को नया घटक मिला वहीं एनडीए की तमाम अन्य पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने रैली में शिरकत कर एकजुता दर्शाई. सबसे दिलचस्प रहा नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक साथ आना. मोदी नीतिश को देखकर न सिर्फ़ मुस्कुराए बल्कि मिले और हाथ भी मिलाया. वहीं टीआरएस के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव ने रैली में हिस्सा ले ये स्पष्ट कर दिया कि चुनावी दंगल में उनकी वफ़ा एनडीए के साथ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना मुद्दे पर उनकी पार्टी को धोखा दिया है और अब वे एनडीए का साथ देंगे. उनका कहना था, तेलंगाना में जनता के साथ वादा किया गया था कि राज्य बनाएँगे लेकिन ऐसा किया नहीं. कांग्रेस वहाँ लाश की तरह थी. तेलंगाना मूवमेंट ने कांग्रेस में नई जान फ़ूँकी. आख़िरी चरण के मतदान से पहले एनडीए के लिए ये रैली बेहद अहम थी. लुधियाना में हुई रैली में भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज पहुँचे तो अन्य क्षेत्रीय दलों के सभी बड़े नेता भी मौजूद रहे जिसमें शरद यादव, अजित सिंह, ओम प्रकाश चौटाला, मनोहर जोशी और गोपीनाथ मुंडे शामिल है. मंच पर आने वाले हर नेता ने यूपीए की नीतियों को कोसा और दावा किया कि यूपीए एकदम बिखर चुका है. यूपीए पर हमला भाजपा की हर रैली में स्टार प्रचारक साबित होने वाले नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी से लेकर मनमोहन सिंह तक किसी को नहीं बख़्शा. अफ़ज़ल गुरु मामले पर मोदी ने कहा, "वो कहते हैं कि अफ़ज़ल गुरू अभी कतार में हैं. फाँसी के लिए भी कतार लगती है? अफ़ज़ल गुरु आपकी वोटबैंक का हिस्सा है, इसलिए उन्हें फाँसी नहीं दी गई है.”
क्वात्रोकी मामले पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री ने कहा क्वात्रोकी निर्दोष हैं, उनके बारे में बयान दिया लेकिन श्रीलंका के उन निर्देष नागरिकों का क्या. उसके बारे में क्या किया?" सुषमा स्वराज ने कहा कि यूपीए का आगाज़ तो ज़ोर शोर से हुआ था लेकिन अब बिखराव की स्थिति जबकि एनडीए फल फूल रहा है. उन्होंने इस रैली को एनडीए के आत्मविश्वास और भावी विजय का प्रदर्शन बताया. पंजाब में हुई रैली में जहाँ किसानों को रिझाने के लिए अजित सिंह थे तो पंजाब में बसे बिहारियों का वोट जुटाने के लिए नीतिश कुमार ने गुहार लगाई. लाल कृष्ण आडवाणी को तो हर नेता मंच पर यही कह कर संबोधित कर रहा था कि आने वाले कुछ दिनों बाद देश के प्रधानमंत्री और ख़ुद आडवाणी भी आशावान नज़र आए. ये बात और की लुधियाना में हुई इस रैली में अकाली दल के प्रत्याशी का ज़िक्र करना भी शायद एनडीए भूल गए. |
इससे जुड़ी ख़बरें बादल-अमरिंदर परिवार के बीच मुकाबला06 मई, 2009 | चुनाव 2009 तमिलनाडु का बनता-बिगड़ता समीकरण09 मई, 2009 | चुनाव 2009 'मनमोहन-सोनिया के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहेंगे'09 मई, 2009 | चुनाव 2009 'मुलायम की टिप्पणी अलोकतांत्रिक'08 मई, 2009 | चुनाव 2009 'वाम दल ग़लतियों से सीख रहे हैं'08 मई, 2009 | चुनाव 2009 'मनमोहन ही पीएम पद के हमारे प्रत्याशी'03 मई, 2009 | चुनाव 2009 | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||