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रैली कांग्रेस की भाषण भाजपा नेता का | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुनावी समर में छोटी मोटी भूल-चूक हो ही जाती है पर नेताओं को कई बार इस बात का पता तब चलता है जब बाण तरकश से निकल चुका होता है. ऐसा ही कुछ बीते रविवार को हुआ. कर्नाटक के गृहमंत्री वीएस आचार्य जा कहीं और रहे थे और पहुँच गए एक चुनावी सभा को संबोधित करने. कर्नाटक के गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता वीएस आचार्य ने उडुपी में एक चुनाव सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस को काफ़ी खरी-खोटी सुनाई और भारतीय जनता पार्टी की तारीफ़ की. शुरू में वहाँ मौजूद लोगों ने धैर्य का परिचय दिया लेकिन थोड़ी देर बाद मंत्री जी को मंच छोड़ कर भागना पड़ा क्योंकि वह रैली कांग्रेस की थी और वहाँ कांग्रेस के समर्थक मौजूद थे. बाद में शर्मशार आचार्य ने बताया कि वे 'शिष्टाचारवश वहाँ मौजूद थे.' दरअसल वीएस आचार्य भाजपा के एक नेता से मिलने जा रहे थे. जब उन्होंने भीड़ देखी तो सोचा कि भाजपा कि रैली हो रही है और पहुँच गए भाषण देने. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिष्टाचारवश गृहमंत्री को बैठने के लिए कह दिया. समाचारपत्र के मुताबिक आचार्य जब बोलने लगे तब उन्हें इस बात का पता नहीं था कि रैली कांग्रेस की है, लेकिन वे वहाँ कर्नाटक में भाजपा सरकार की तारीफ़ करने लगे. कांग्रेस के नेता वीएस उगरप्पा ने बताया कि बाद में आचार्य को जब पता चला तो वे अपना भाषण बीच में ही ख़त्म कर चले गए. |
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