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किसी कोने में रोता नहीं मिलूँगा: मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा है कि वह सिर्फ़ बोलने में नहीं बल्कि करने में यक़ीन रखते हैं. भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी पर निशाना साधते हुए डॉक्टर सिंह ने कहा, "जब कुछ गुंडे सदियों पुरानी मस्जिद तोड़ रहे हों मैं किसी कोने में रोता हुआ नहीं मिलूँगा." प्रधानमंत्री ने इस मौक़े पर जिन्ना प्रकरण का ज़िक्र भी किया और कहा कि वह पाकिस्तान जाकर ऐसी चीज़ें नहीं कहेंगे जिससे हर भारतीय को बुरा लगे और जब पार्टी के लिए असहज हो तो अपना रुख़ छोड़ दें. आडवाणी की खुली बहस की चुनौती के बारे में उन्होंने कहा, "मैं बहस की बात मानकर आडवाणी जी को वो दर्जा़ क्यों दूँ. मैं बहस की उनकी क्षमता का मुक़ाबला नहीं कर सकता मगर एक अच्छा प्रधानमंत्री होने के लिए जो प्रतिबद्धता और ईमानदारी ज़रूरी है, वो मुझमें है." साथ ही उन्होंने कहा है कि कंधार कांड से पहले उनसे किसी तरह के मशविरे की बात झूठी है. डॉक्टर सिंह ने कहा, "लालकृष्ण आडवाणी ने ख़ुद माना था कि कंधार के बारे में तो उन्हें भी नहीं पता था. ऐसे में आप विश्वास करेंगे कि भाजपा सरकार को अपने गृह मंत्री से ज़्यादा मुझ पर विश्वास था." भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि कंधार कांड के बारे में विपक्ष से भी सलाह ली गई थी. तुलना कंधार कांड और मुंबई हमले की एक बार फिर तुलना करते हुए प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, "भाजपा सरकार ने समर्पण कर दिया था और विदेश मंत्री तीन बंदियों को लेकर कंधार गए थे जबकि हमारी सरकार ने कोई समझौता नहीं किया और हमने मुंबई हमलों के दौरान कमांडो भेजे जिनकी कार्रवाई में नौ आतंकवादी मारे गए." संसद पर हमले के मामले में फाँसी की सज़ा पाए अफ़ज़ल गुरू के बारे में डॉक्टर सिंह ने कहा कि सज़ा ए मौत पाए लोगों की सूची में 28 लोग हैं और अफ़ज़ल गुरू 22 लोगों के बाद हैं ऐसे में एकतरफ़ा फ़ैसला नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही उन्होंने 1984 के दंगों और वर्ष 2002 के गुजरात दंगों को एक जैसा ही बताते हुए कहा कि दोनों ही देश के सांप्रदायिक सौहार्द के लिए ठीक नहीं थे. राहुल गाँधी एक बार फिर ये दोहराते हुए कि उनका स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है और यूपीए की सरकार बनने की स्थिति में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार वह ही होंगे मनमोहन सिंह ने कहा कि वह मानते हैं कि राहुल गाँधी में प्रधानमंत्री बनने की योग्यता मौजूद है. राहुल गाँधी की बहन प्रियंका गाँधी ने अमेठी और रायबरेली में राहुल और सोनिया के प्रचार के दौरान कहा था कि राहुल गाँधी में प्रधानमंत्री पद सँभालने की योग्यता है. डॉक्टर सिंह ने कहा, "मैं मानता हूँ कि किसी दिन सत्ता युवाओं के पास जानी चाहिए, ऐसा पूरी दुनिया में हो रहा है और मैं मानता हूँ कि राहुल में इतनी क्षमता है." | इससे जुड़ी ख़बरें 'हमेशा ग़लत पक्ष में रहे हैं वामपंथी'11 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री बनने लायक़ नहीं आडवाणी'10 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस दुनिया की नज़र है भारत के चुनाव पर 09 अप्रैल, 2009 | चुनाव 2009 प्रधानमंत्री असम के चुनावी दौरे पर 06 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस भाजपा मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं: आडवाणी05 अप्रैल, 2009 | चुनाव 2009 | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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