'बाढ़ की तबाही का तमाशा देख रहा है केंद्र'

मोदी और नीतीश

इमेज स्रोत, PTI

    • Author, अमरेश द्विवेदी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राज्य के बाढ़ पीड़ितों की 'तबाही का तमाशा' देख रही है.

आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि बिहार से केंद्र सरकार में शामिल मंत्री बाढ़ को लेकर सिर्फ़ 'राजनीति' कर रहे हैं.

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को हर संभव मदद का आश्वासन दे चुके हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मोदी से मुलाक़ात भी की थी.

दूसरी तरफ पर्यावरणविद् हिमांशु ठक्कर बाढ़ जैसे हालत के लिए सभी सरकारों को कठघरे में खड़ा करते हैं. उनका कहना है कि विकास की योजनाएं बनाते वक्त सरकारें पर्यावरण के बारे में नहीं सोचती हैं.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "बाढ़ तो आनी ही है. लेकिन ये विभीषिका में न तब्दील हो जाए, इसके बारे में विचार किए जाने की ज़रूरत है."

बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि बिहार एक साथ सूखे और बाढ़ से तबाही का दंश झेल रहा है.

उन्होंने कहा कि बिहार में इस बार मानसून की बारिश 14 फ़ीसदी कम हुई है और राज्य का 70 फ़ीसदी इलाका सूखे की चपेट में है. लेकिन कोसी, सोन और गंगा के दियारा क्षेत्र के बहुत से ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं.

प्रो चंद्रशेखर के मुताबिक़ बाढ़ की वजह से बिहार की 56 लाख आबादी प्रभावित है.

बिहार बाढ़

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पीड़ितों तक मदद पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश में जुटी है.

प्रो चंद्रशेखर ने कहा, "बहुत दुख से कहना पड़ता है वो कि एक महीने से तबाही के मंज़र का तमाशा देख रहे हैं. केंद्र सरकार में शामिल आधा दर्जन बिहार के मंत्री राजनीति कर रहे हैं. उन्हें कौन रोकता है सहायता करने से. हमने तो गुहार भी लगा दी है."

प्रो चंद्रशेखर का कहना है कि बाढ़ की समस्या बिहार के लिए आयातित है. ये समस्या मध्य प्रदेश, झारखंड और नेपाल की देन है.

बिहार बाढ़

इमेज स्रोत, Niraj Sahai

बाढ़ पीड़ितों तक मदद देर से पहुंचने के सवाल पर वो कहते हैं कि राज्य सरकार हर तरह की सहायता पहुंचाने में सक्षम है लेकिन 56 लाख की आबादी प्रभावित तो मशीनरी को पहुंचने में वक्त लग सकता है.

बाढ़ पूर्व तैयारी न होने के आरोपों को भी प्रो चंद्रशेखर खारिज करते हैं. उन्होंने कहा, "बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत आज से पांच महीने पहले सारे जिलों को आबादी के हिसाब से पैसे दिए गए थे. हमारे विभाग के स्तर पर आवंटन में 12 घंटे का भी विलंब नहीं होता है. "

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए 15 साल के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है.

नीतीश कुमार

इमेज स्रोत, niraj sahai

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में नदियों में गाद जमा होने का मुद्दा उठाया था.

इस पर प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गाद नीति पर वर्षों पहले से चर्चा कर रहे हैं. वो 2007 से इस मामले को उठाते रहे हैं. सिल्ट नीति नहीं बनेगी तो ये तबाही आती रहेगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)