व्हाट्स ऐप, वाइबर पर ऑफ़िस की नज़र

इमेज स्रोत, Google Play Store
ऑफिस से दिए हुए मोबाइल कनेक्शन पर अगर आप व्हाट्स ऐप या वाइबर जैसे ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ज़रा सावधान हो जाइए. हो सकता है आपकी कंपनी आपके चैट पर नज़र रख रही हो. वाइबर पर सभी कॉल और चैट को कंपनिया Xnspy नाम के ऐप के ज़रिये मॉनिटर कर सकती है. ये किसी भी स्मार्टफोन में इनस्टॉल किया जा सकता है.
एक बार इसे किसी के स्मार्टफोन पर डाउनलोड कर दिया गया तो ऑफिस की तरफ से कोई भी सिस्टम पर लॉग इन करके सभी वाइबर के चैट और कॉल पर नज़र रख सकते हैं. जो भी स्मार्टफोन कंपनी के सिम कार्ड पर चल रहे होंगे, उनके वाइबर चैट पर इस तरह नज़र रखी जा सकती है. कॉल के लिए समय और तारीख़ के साथ जानकारी मिल सकती है.
व्हाट्स ऐप स्निफ्फर का इस्तेमाल करके व्हाट्सप्प मैसेज भी पढ़ा जा सकता है. कई बार एक्सपर्ट व्हाट्स ऐप एक्सट्रेक्ट नाम के टूल का इस्तेमाल करके आपके सभी मैसेज पर नज़र रख सकते हैं.

इमेज स्रोत, PA
या फिर एमस्पाई नाम के टूल का इस्तेमाल आपके व्हाट्सप्प मैसेज को पढ़ने के लिए किया जा सकता है.
अगर आपका एंड्राइड स्मार्टफोन रूटेड है तो एमस्पाई का इस्तेमाल करके व्हाट्स ऐप मैसेज पढ़ना आसान हो जाता है.
अगर कंपनी चाहे तो कर्मचारियों के वीडियो और तस्वीरों पर भी वो नज़र रख सकती है.

इमेज स्रोत, Getty
मज़ेदार बात ये है कि जो भी कर्मचारी है उसको ये बात बिलकुल पता नहीं लगेगी कि उस पर नज़र रखी जा रही है.
सबसे बढ़िया उपाय है कि आप अपने काम के समय व्हाट्स ऐप का इस्तेमाल नहीं करें.
अगर काम से जुड़े मैसेज के लिए उसकी आपको ज़रुरत है तो सिर्फ उसी तक सीमित कर दें.
(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












