'कर्मचारियों के पास सिर्फ़ ठेंगा ही बचेगा'

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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को 2016-17 का बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि ईपीएफ़ से पैसे निकालने पर टैक्स लगेगा.

उनकी इस घोषणा की लोग आलोचना कर रहे हैं. ट्वीटर पर हैशटैग #RollbackEPF ट्रेंड कर रहा है.

#RollbackEPF का इस्तेमाल कर लोग अपनी बात साझा कर रहे हैं.

फलक (@fanssay) लिखती हैं, "मध्य वर्ग का हर व्यक्ति अपने ज़रूरी काम को पीएफ़ के पैसे से पूरा करता है. आपने इसी पर चोट की है, इसकी चोट सबसे अधिक कहां लगी है."

अविनाश कुमार (@kumar_avi) लिखते हैं, "बिना किसी जोखिम के पैसे बचाने का एक ही तरीका है, ईपीएफ़ में पैसे जमा करना. अगर उस पर भी कर लगाया जाता है, तो एक मध्यवर्गीय कर्मचारी के पास केवल ठेंगा ही बचेगा."

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली और वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा.

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आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरवील (@ArvindKejriwal) ने ट्वीट किया- बहुत से लोगों से बात की. वो बहुत नाराज़ हैं. आम लोगों के ईपीएफ़ और पीपीएफ़ पर कर लगाना, अमीरों के कर्ज़ माफ़ करना और कालाधन रखने वालों को सरकारी माफ़ी.

वहीं माकपा महासचिव और राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी (‏@SitaramYechury) ने ट्वीट किया- ईमानदार, नौकरीपेशा करदाताओं के ईपीएफ़ पर कर लगाना और कर देने से बचने वालों के लिए माफ़ी देना मोदी सरकार का एक चालाकी भरा क़दम है.

संतोषा (@MsSantoesha ) पूछते हैं, "लोग पहले से ही आयकर, सर्विस टैक्स, लग्जरी टैक्स, एक्साइज टैक्स, इंटररटेनमेंट टैक्स देते आ रहे हैं, अरुण जेटली जी अब पीएफ़ की बचत पर टैक्स क्यों."

संदीप सिंह (@Tweetsandeep ) लिखते हैं, "अमीर इक्विटी निवेशकों की कमाई पर एक साल बाद तक कोई कर नहीं. लेकिन सालों से जमा की जा रही ईपीएफ़ पर कर लगेगा."

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प्रशांत नवादगी (@pnavadgi) ने लिखा है, "ईपीएफ़ से पैसे निकालने पर कर लगाकर अरुण जेटली जी पॉल को देने के लिए पीटर के घर डकैती डाल रहे हैं. मूर्खतापूर्ण क़दम. सभी नौकरीपेशा लोगों को ईपीएफ़ पर किसी भी तरह का कर न लगाने की मांग करनी चाहिए."

आम आदमी पार्टी से जुड़े हर्षिल (@aapharshil) लिखते हैं, "पीपीएफ़ और ईपीएफ़ पर टैक्स लगाने का फैसला जिसने भी सरकार में किया हो, उसे देश के करोड़ों आम आदमी की जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.ठ

पोलिटो (@ryt_3) लिखते हैं, "अगर मंदबुद्धि जेटली हमारे ईपीएफ़ और पीपीएफ़ से खेलना चाहते हैं तो उन्हें इस बेतुकी नीति को 2019 तक जारी रखना चाहिए."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

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वहीं हम भारत के लोग नाम वाले हैंडिल (@India_Policy) ने लिखा है, "मैं भारत विरोधी कांग्रेस को वोट नहीं दूंगा ना ही आम आदमी पार्टी को या किसी जातिवादी क्षेत्रीय पार्टी. लेकिन नरेंद्र मोदी जी आपने हमारी पीठ में छुरा भोंका है.

राशि कक्कड़ (@rashi_kakkar) लिखती हैं, ईपीएफपर कर लगाना का मतलब है कि आपकी सैलरी पर दो बार कर लगाना.

एक भारतीय कारखाने में काम करते कर्मचारी.

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वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ' ब्रायन (@quizderek) ने लिखा है, बजट 2016 में पीएफ़ पर कर लगाया गया है. यह उन लाखों लोगों के लिए धक्का है, जिनको पीएफ़ से सुरक्षा मिलती हैं.

हालांकि प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (@PTI_News) के एक ट्वीट के मुताबिक़ राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा है कि पीपीएफ में योगदान करमुक्त रहेगा. पीपीएफ से पैसे निकालने पर कोई कर नहीं लगेगा.

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