खाप पंचायतें समाज के लिए उपयोगी: खट्टर

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि खाप पंचायतें समाज के लिए ‘उपयोगी चीज़’ हैं और समाज में सुधार लाती हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार खट्टर ने कहा है कि एक या दो ग़लतियों से खाप पंचायतों को पूरी तरह ग़लत नहीं कहा जा सकता.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि खाप पंचायतों का अपना मज़बूत आधार है और उन पर पाबंदी लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौजूद खाप पंचायतें इज़्ज़त के नाम पर होने वाली हत्याओं और अपने अनोखे फ़ैसलों को बढ़ावा देने के लिए सुर्खियां बनती रही हैं. जिन पर काफ़ी हो-हल्ला भी मचा है.
खट्टर गुड़गांव में होने वाले ‘हैपनिंग हरियाणा-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2016’ के लिए हो रहे एक रोड शो में कोलकाता आए हैं, जहां समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने यह बात कही.
खट्टर का कहना था, खाप पंचायतों को 'सरकार ने नहीं बनाया है. ये खाप पंचायतें पिछले 800 साल से हैं. इन्हें उन इलाक़ों के लोगों ने बनाया है. उन्होंने कई समाज सुधार के काम किए हैं जैसे दहेज प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान. उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और लिंगानुपात के लिए काम किया है.'
उनका कहना है, "मुझे तो लगता है कि यह समाज के लिए उपयोगी चीज़ है. ये किसी ग़लत चीज़ में शामिल नहीं हैं. खाप एक बड़ी पंचायत होती है."

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खाप पंचायतों पर होने वाले विवादों के बारे में खट्टर का कहना है, "एक या दो घटनाओं या ग़लतियों से खाप पंचायतों को पूरी तरह ग़लत नहीं ठहराया जा सकता. हर व्यक्ति और संस्था से ग़लती होती है. खाप पंचायतों में अपनी ताक़त है."
गोहत्या और गोमांस के इस्तेमाल पर हरियाणा के मुख्यमंत्री का कहना था, "हमारे राज्य में हमने गोहत्या पर रोक लगा दी है और इसमें हमें मुस्लिम विधायकों का समर्थन भी हासिल है. इस पर विधानसभा में सर्वसम्मति से बिल पारित हुआ."
हरियाणा विधानसभा ने पिछले साल गौसंरक्षण एवं गौ संवर्धन बिल पारित किया था जिसमें राज्य में गोकशी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
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