फिर से शनि मंदिर में घुसेंगे: तृप्ति देसाई

    • Author, विदित मेहरा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से शनिश्वर देवास्थान ट्रस्ट को अपने अधिकार में लेने की मांग की है.

हाल ही में फडनवीस से पुणे में मुलाक़ात के बाद देसाई ने बताया, "हमने मुख्यमंत्री से ये अनुरोध किया है कि जल्द ही वो मंदिर के शनिश्वर देवास्थान ट्रस्ट को अपने अधिकार में ले लें."

तृप्ति देसाई और प्रशांत देसाई

हालाँकि मंदिर प्रशासन की तरफ़ से बातचीत का कोई संकेत अभी नहीं मिला है.

मामला 29 नवंबर को तब शुरू हुआ था जब एक महिला ने महाराष्ट्र के अहमदनगर में मशहूर शनि शिगणापुर मंदिर में दर्शन किए.

इसके बाद मंदिर के पंडितों ने कहा कि शनि देव अपवित्र हो गए हैं. इसके बाद उनका दूध से अभिषेक किया गया.

तृप्ति ने कहा, ''मुझे इन लोगों से ये पूछना है कि जिस दूध से इन्होंने शनि भगवान को नहलाया है क्या वो बैल का दूध है? वो दूध भी गाय का है जो मादा है. तो फिर ये विरोधाभास क्यों?''

इसके विरोध में 26 जनवरी को भूमाता ब्रिगेड ने मंदिर में घुसने की कोशिश की पर उन्हें रोक दिया गया था.

मंदिर

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शिगणापुर में शनि शिला एक चबूतरे पर है और इस चबूतरे पर महिलाओं को जाने की अनुमति नहीं है.

तृप्ति ने कहा, ''अगर सरकार इस मुद्दे पर आठ दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं करती तो हम फिर से मंदिर में घुसने की कोशिश करेंगे.''

तृप्ति कहती हैं, ''जो लोग ये समझते हैं कि भारत एक पुरुष प्रधान समाज है वही लोग ऐसी प्रथा को जारी रख रहे हैं. वही महिलाओं को आगे नहीं आने दे रहे हैं.''

उन्होंने कहा, ''ऐसे लोग सिर्फ़ एक प्रतिशत ही हैं और इससे हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता. ये 21वीं सदी है और परिवर्तन आना चाहिए. आज के युवा और महिलाएं ऐसी सोच नहीं रखते हैं और हमें इन सबका साथ मिला है.''

भूमाता संगठन के सदस्यों के साथ तृप्ति देसाई.

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तृप्ति कहती हैं कि जब उन्होंने अपने छह साल के बेटे को ये कहा कि शायद उन्हें 26 जनवरी को जेल जाना पड़ सकता है तो उनके बेटे ने कहा कि आप जेल जाइए और महिलाओं के लिए लड़िए.

"पर आपका टिफ़िन कौन बनाएगा फिर?" तृप्ति ने पूछा.

तो उनके बेटे ने कहा कि आप उसकी चिंता मत कीजिए हम होटल से खाना मंगवा लेंगे.