इनकी तरह गुम तो नहीं होंगे मनीष पांडे?

इमेज स्रोत, AFP

    • Author, प्रदीप कुमार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

मनीष पांडे ने सिडनी वनडे में मिले मौके को अपने हाथ से जाने नहीं दिया. उन्होंने एक बेहतरीन शतक जमाकर दो बातें पक्की कर लीं- भारत ये मैच जीतने के बाद वनडे रैंकिंग में दूसरे पायदान पर बना रहा और मनीष पांडे को कुछ और वनडे खेलने का मौका मिलना तय है.

मनीष पांडे को भारत में उपलब्ध बेहतरीन प्रतिभाओं में गिना जाता रहा है. वे इसकी मिसाल भी दे चुके हैं. आईपीएल में महज 19 साल की उम्र में शतक लगाने का कीर्तिमान उनके नाम है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें मौका मिलने में लंबा वक्त लग गया.

2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीतने वाली टीम में विराट कोहली के साथ मनीष पांडे भी थे. आज कोहली टेस्ट कप्तान हैं और वनडे में कप्तानी के दावेदार हैं, लेकिन मनीष पांडे का वनडे करियर अभी ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया है.

इमेज स्रोत, AFP GETTY

अब देखना है कि मनीष पांडे इस शतक से अपने करियर को रफ़्तार दे पाते हैं या उन सितारों की तरह कहीं गुम हो जाएंगे, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप से टीम इंडिया तक पहुंचे जरूर, लेकिन अपनी कामयाबी को बरकरार नहीं रख पाए.

एक नज़र भारत के उन सितारों पर जो अंडर-19 से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचे. कुछ चमके, लेकिन कुछ ही समय में कहीं गुम हो गए.

रीतिंदर सिंह सोढी: ऑलराउंडर रीतिंदर सोढी भारत के लिए अंडर-15 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे और इसके बाद 2000 में अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के नायक रहे. श्रीलंका के ख़िलाफ़ फ़ाइनल मैच में तो 10 ओवर में 26 रन देने के बाद नाबाद 39 रन बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई.

इमेज स्रोत, Ratinder Sodhi FB Page

2000 में ही उन्हें टीम इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिल गया. लेकिन 18 वनडे मैचों में दो अर्धशतक लगाने वाले इस बल्लेबाज़ का करियर दो साल भी नहीं चल पाया.

इमेज स्रोत, AFP

अजय रत्रा: 2000 की अंडर-19 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे विकेटकीपर बल्लेबाज़ अजय रात्रा. 2002 की शुरुआत में वे टीम इंडिया में शामिल हो गए. वेस्टइंडीज़ दौरे पर एक बेहतरीन नाबाद शतक भी बनाया, लेकिन करियर 6 टेस्ट और 12 वनडे से ज़्यादा नहीं चल पाया.

इमेज स्रोत, AFP

वेणुगोपाल राव: सोढी और रात्रा के साथ 2000 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाले वेणुगोपाल राव भी थे. मिडिल ऑर्डर के इस बल्लेबाज़ को टीम इंडिया तक पहुंचने के लिए पांच साल का इंतज़ार करना पड़ा. लेकिन करियर 16 वनडे मैचों में एक हाफसेंचुरी से आगे नहीं बढ़ पाया.

इमेज स्रोत, VRV SIngh FB Page

वीआरवी सिंह: 2004 की अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने वाली टीम में शामिल थे पंजाब के तेज गेंदबाज़ विक्रम राज वीर सिंह. उन्हें एक समय में भारत का सबसे तेज़ गेंदबाज़ आंका गया था. 2006 में ही टेस्ट और वनडे में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल गया. लेकिन उनका करियर 5 टेस्ट में 8 विकेट और 2 वनडे में कोई विकेट नहीं, से आगे नहीं बढ़ पाया.

इमेज स्रोत, PTI

अमित भंडारी: 1998 में वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली टीम में दिल्ली के तेज़ गेंदबाज़ अमित भंडारी भी शामिल थे. उन्हें 2000 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहला वनडे खेलने का मौका मिल गया. 2004 में उन्होंने अपना अंतिम वनडे मैच खेला. चार साल के दौरान उन्हें दो ही वनडे खेलने का मौका मिला, इनमें उन्होंने 5 विकेट भी लिए. लेकिन इसके बाद टीम में वापसी नहीं कर पाए.

इमेज स्रोत, Bangal Ranji Team FB Page

लक्ष्मी रतन शुक्ला: कोलकाता के ऑलराउंडर लक्ष्मी रतन शुक्ला भी अपनी चमक इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं दिखा पाए. 1998 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेल चुके शुक्ला को वनडे कैप पहनने का मौका 1999 में ही मिल गया. लेकिन तीन वनडे मैचों में नाकामी के बाद वो फिर वापसी नहीं कर पाए.

सुब्रतो बनर्जी: बिहार-बंगाल के इस क्रिकेटर ने 1988 के पहले यूथ वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था. 1992 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला. सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट की एक ही पारी में तीन विकेट भी चटका लिए, लेकिन उनका करियर एक टेस्ट और 6 वनडे मैचों से ज़्यादा नहीं चल पाया.

प्रवीण आमरे: प्रवीण आमरे भी 1988 के यूथ वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले क्रिकेटर रहे. रमाकांत अाचरेकर के इस शार्गिद ने अपने पहले ही टेस्ट में दक्षिण अफ्रीकी मैदानों पर शतक ठोक दिया. उन्हें 11 टेस्ट खेलने का मौका जरूर मिला, लेकिन वे शतक नहीं बना पाए.

इमेज स्रोत, Getty

आमरे का वनडे करियर थोड़ा लंबा जरूर रहा, लेकिन 37 मैचों में 584 रन के साथ उनका टीम में लंबे समय तक रह पाना संभव नहीं था.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>