रोहतक सामूहिक रेप मामले में 7 को फांसी

इमेज स्रोत, Thinkstock
- Author, रविंदर सिंह रॉबिन
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
हरियाणा की रोहतक ज़िला सत्र अदालत ने 28 साल की मानसिक रूप से अक्षम नेपाली महिला के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोप में सात लोगों को दोषी ठहराते हुए उन्हें मौत की सज़ा सुनाई है.
अदालत ने इसे बेहद संगीन अपराध बताया है. यह अपराध रोहतक ज़िले के गड्डी खेरा गांव में हुआ था. इस मामले में दोषियों ने पीड़िता के साथ दरिंदगी भरा बर्ताव किया था और सामूहिक बलात्कार के बाद पत्थरों से पीट पीटकर उसकी हत्या कर दी थी.
इस मामले में 22 साल का सोमबीर आठवां मुलज़िम था, जो फ़रार था. इसने कुछ महीने पहले दिल्ली के बवाना इलाक़े में आत्महत्या कर ली थी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा सिंघल ने अपराधियों को सज़ा सुनाते हुए कहा कि समाज आगे बढ़ रहा ह लेकिन समाज के मानसिक दिवालिएपन की वजह से ऐसे अपराध होते हैं.

इमेज स्रोत, MANOJ DHAKA
इसे मामले में अभियुक्तों के ख़िलाफ़ सात सितंबर को फ़ास्ट ट्रैक अदालत में मामले तय किया गया. इसमें 57 प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही हुई. 18 दिसंबर के दिन इन सात लोगों को दोषी पाया गया.
पीड़िता का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक़ भी पीड़िता के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था, सामूहिक बलात्कार के बाद और मौत से पहले उसे शारीरिक यातना दी गई थी.
इसके बाद ऑटोप्सी रिपोर्ट से भी ज़ाहिर हुआ था कि पीड़िता के सिर, छाती, जांघ और यौन अंगों पर काफ़ी ज़ख्म के निशान थे.
वहीं अभियुक्तों के वकील डॉ. दीपक भारद्वाज कहते हैं, "हम अदालत के फैसले का आदर करते हैं लेकिन हमारे साथ न्याय नहीं हुआ और हम इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे."

इमेज स्रोत, MANOJ DHAKA
पीड़िता मूल रूप से नेपाल की थी और रोहतक में अपनी बहन के परिवार के साथ रहती थी. वह एक फरवरी, 2015 को अपने घर से लापता हो गई और उसका क्षत विक्षत शव चार फ़रवरी को बहू अकबर गांव में मिला.
रोहतक के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने इस मामले के सभी अभियुक्तों को नौ फ़रवरी को हिरासत में ले लिया. इसमें एक नेपाली युवक संतोष के अलावा राजेश उर्फ़ गुचाडू, सुनील उर्फ़ शीला, सरवर उर्फ़ बिल्लू, मनबरी, सुनील उर्फ़ माधा, पवन और प्रमोद उर्फ़ पदम शामिल थे.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












