बनारसी के जिस्म पर 146वां टैटू अबे का

- Author, रौशन कुमार
- पदनाम, वाराणसी से बीबीसी हिंदी डॉट कॉ़म के लिए
वाराणसी के बाशिंदे अशोक कुमार गोगिया पर टैटू गुदवाने का जुनून सवार है. उन्होंने अपने बाजुओं पर छोटे-बड़े मिलाकर कुल 146 टैटू बनवाए हैं.
जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे भी उनके बाजू पर हैं.
वे चर्चा में इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने अपना नया टैटू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबे के वाराणसी पहुंचने के ठीक पहले बनवाया.
हालांकि अशोक को ऐसा करवाने के लिए एक ही जगह कई घंटे बैठने पड़े और लाखों सुइयों की चुभन सहनी पड़ी. पर उन्हें इसकी परवाह नहीं.

अशोक का कहना है कि वे टैटू के ज़रिए अपने मुल्क और शहर को अभिव्यक्त करना चाहते हैं.

उन्होंने ऐलान किया कि वे हर उस व्यक्ति का टैटू बनवाएंगे जो तिरंगा लेकर चलेगा और देश और बनारस के लिए कुछ करेगा.

उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री का टैटू इसलिए बनवाया क्योंकि अबे ने काशी को क्योटो जैसा बनाने का भरोसा दिलाया है.

टैटू के प्रति अशोक का यह प्रेम तक़रीबन ढाई साल पहले शुरू हुआ.

वे अन्ना आंदोलन से काफ़ी प्रभावित हुए और अपनी बाजू पर अंग्रेज़ी में खुदवा लिया, 'अन्ना'.

फिर तो सिलसिला चल पड़ा. जब अन्ना बनारस गए तो अशोक ने उनकी छवि ही अपने बाजू पर गुदवा ली.

इसी तरह सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अशोक ने एक स्थायी टैटू सचिन को समर्पित करते हुए गुदवाया.

अशोक अब नरेंद्र मोदी का टैटू गुदवाएंगे. उनकी तमन्ना है कि वे अपनी पीठ पर मोदी का इतना बड़ा टैटू बनवाएं जैसा अब तक किसी ने न किया हो.

टैटू की लंबी सूची में अशोक के पिता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












