नीतीश और लालू से मिले शत्रुघ्न सिन्हा

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बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की शर्मनाक हार के बाद पार्टी के अंदर घमासान शुरू हो गया है.
पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बिहार चुनाव प्रचार में अलग-थलग किए जाने वाले पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर एक विवादास्पद बयान दिया है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा की पहचान पार्टी से है, पार्टी की पहचान उनसे नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, "जब गाड़ी चलती है तो कुत्ता नीचे चलता है, कुत्ता समझता है गाड़ी मेरे भरोसे चल रही है. पार्टी किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलती है."
दर असल बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत के बाद भाजपा नेता और पटना साहिब से लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा सोमवार को पटना में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद से मिले.
नीतीश और लालू से मुलाक़ात को उन्होंने पूरी तरह से निजी क़रार दिया लेकिन दोनों नेताओं की जमकर तारीफ़ की.

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नीतीश से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वो महागठबंधन की शानदार जीत की बधाई देने के लिए आए थे.
शत्रुघ्न ने कहा कि नीतीश कुमार एक आज़माए हुए और सफल मुख्यमंत्री हैं. उनके अनुसार नीतीश कुमार के काम काज का रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा रहा है.
लेकिन नतीजों के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए.
कैलाश विजयवर्गीय उनके बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.
इस बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शत्रुघ्न सिन्हा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि बिहार चुनाव में मोदी सरकार के ख़िलाफ़ बहुत बड़ी साज़िश रची गई थी और शत्रुघ्न सिन्हा भी उसके हिस्सा थे.

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उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यक़ीन है कि पार्टी उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.
बिहार चुनाव में अपनी अनदेखी से नाराज़ चल रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने रविवार को नतीजे आने के बाद कहा था कि चुनाव को लेकर कई नेताओं ने प्रधानमंत्री को भ्रमित किया.
सिन्हा ने पिछले कुछ दिनों में कुछ मुद्दों पर पार्टी लाइन से अलग राय व्यक्त की है और बिहार के चुनाव प्रचार में भी वो कम नज़र आए.
चुनाव के नतीजे आने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट किया था कि बिहारी और बाहरी वाला मुद्दा हमेशा के लिए सुलझ गया है.
उन्होंने ट्वीट किया था, ''हमारे विजयी दोस्तों को बधाई और हमारे लोगों से आत्ममंथन करने की अपील है, नतीजे स्पष्ट दिख रहे थे.''
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