मांझी की 'हम' से ज़्यादा वोट 'नोटा' को

इमेज स्रोत, ECI

बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे दिलचस्प आंकड़ा नोटा का रहा.

बीजेपी जीतनराम मांझी को अति पिछड़ों का वोट बैंक समझ रही थी लेकिन उनकी पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं.

विधानसभा चुनाव में 2.5 फ़ीसदी मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया. यानी उन्हें कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं आया. नोटा को कुल मिलाकर चुनाव में 9,47,185 वोट मिले.

जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को 2.3 फ़ीसदी यानी 8,64,856 वोट ही मिल पाए.

उपेन्द्र कुशवाहा कि भारतीय लोक समता पार्टी को नोटा से बस कुछ ही ज़्यादा वोट मिले. उसे 2.6 फ़ीसदी यानि 9,76,787 वोट मिले.

नोटा से ज़्यादा वोट बिहार में केवल 7 पार्टियों को मिला. जबकि 15 छोटी बड़ी पार्टियों को उससे कम वोट मिले. इनमें हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा, बसपा, सीपीआई, सपा, एनसीपी, झामुमो, सीपीएम और एआईएमआईएम जैसी पार्टियां शामिल हैं.

बिहार विधानसभा चुनावों में बीजेपी को सबसे ज़्यादा 24.4 फ़ीसदी वोट मिले. जबकि आरजेडी 18.4 फ़ीसदी वोट लेकर दूसरे नंबर पर रही.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>क्लिक करें.<link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>