नेहरू ने नॉर्थ-इस्ट का अपमान किया था: रिजिजू

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केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाहरलाल नेहरू पर 1962 के भारत-चीन युद्ध में नॉर्थ-इस्ट का अपमान करने का आरोप लगाया है.

कांग्रेस नेता निनॉन्ग इरिंग ने कहा है कि रिजिजू को अपना बयान वापस लेना चाहिए.

जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि रिजिजू अज्ञानता के शिकार हैं, नेहरू के समय उनका जन्म भी नहीं हुआ था.

पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीक़ी ने कहा कि आज नेहरू को गाली देना बड़ा आसान हो गया है. उन्होंने कहा है कि अगर नेहरू नहीं होते तो आज भारत, भारत नहीं होता.

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने रिजिजू को मंत्रिमंडल से निकालने की मांग की है.

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दरअसल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने शनिवार को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर एक आपत्तिजनक बयान दिया था.

यह बयान सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर भाजपा के एक कार्यक्रम में हैदराबाद में दिया गया था.

उन्होंने कहा था कि चीन की सेना ने उनके गांव पर क़ब्ज़ा कर लिया था और वो असम तक पहुंच गई थी.

रिजिजू का कहना था, ''नेहरू ने हमें बाय-बाय कर दिया और ऑल इंडिया रेडियो पर आत्मसमर्पण की घोषणा कर दी.''

रिजिजू ने यह भी कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकजुट किया और 565 रियासतों को भारत के साथ जोड़ा लेकिन इसका श्रेय मिलने से पहले ही उनकी मौत हो गई.

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उन्होंने कहा कि जो लोग नाकाम रहे वो देश का इतिहास लिखते रहे. रिजिजू ने कांग्रेस पर देश के इतिहास का सच छिपाने का आरोप भी लगाया.

किरण रिजिजू अरूणाचल प्रदेश के रहने वाले हैं. उस समय इस क्षेत्र को नार्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफ़ा) कहा जाता था.

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