इन लड़कों का पेशा ही है लड़कियाँ घुमाना

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- Author, इंदु पांडेय
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
रोहित खट्टर और नीतीश चौहान ने ऐसा काम चुना है, जिसमें वे लड़कियों के साथ घूमते भी हैं और इसके लिए पैसे भी लेते हैं.
दरअसल रोहित और नितीश 'जुगनी' नाम की एक ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं, जिसमें वे हर उम्र की लड़कियों के घूमने का इंतज़ाम करते हैं. वे इन लड़कियों को 'जुगनी' नाम से पुकारते हैं.
मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करते थे. उन्होंने एक दिन यकायक सब छोड़ कर तय किया कि वे सिर्फ लड़कियों के लिए ट्रैवल एजेंसी चलाएंगे.
लड़कियों की सुरक्षा

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रोहित ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, "मैं ट्रैवल का ही काम करता था और मैंने पाया कि लड़कियों को अकेले घूमने में दिक़्क़त आती है. मैंने सोचा कि ऐसा काम शुरू किया जाए, जिसमें मैं और मेरा दोस्त नीतीश लड़कियों के साथ उनकी छुट्टी पर जाएं ताकि वे अकेले घूमते हुए सुरक्षित महसूस करें."

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रोहित और नीतीश एक बार कम से कम छह और ज़्यादा से ज़्यादा 12 लड़कियों को ही ट्रिप लेकर जाते हैं.
नीतीश ने कहा, "लड़कियों के साथ यात्रा करना आसान है, जबकि पुरुषों के साथ कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है."

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"लड़कियां कभी परेशान नहीं करती हैं. यह और बात है की वे कभी भी किसी चीज की डिमांड कर सकती हैं."
एडवेंचर का शौक

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नीतीश के मुताबिक़, "हमें वे सारी चीजें रखनी होती हैं, जो लड़कियां अमूमन अपने पास रखती हैं, मसलन, सैनिट्री पैड, सेफ़्टी पिन, यहां तक कि रबर बैंड भी."
एक साल पहले शुरू की गई अपनी कंपनी के अनुभव बांटते हुए रोहित कहते हैं, "अब समय बदल गया है. किसी भी उम्र की महिला हो, उसे सिर्फ़ घूमना नहीं, एडवेंचर करना अच्छा लगता है."
नीतीश कहते है कि "कई बार जुगनियां शराब पी लेती हैं, उसके बाद हमारा काम उन्हें संभालने का होता है."

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रोहित और नीतीश कहते हैं, "सबसे मज़ेदार होता है जब वे हमें फ़ोटो खींचने को कहतीं हैं और ये कभी न ख़त्म होने वाला सिलसिला होता है. कई बार हमें इतनी तस्वीरें खींचनी होती हैं कि उंगुलियों में दर्द होने लगता है."
दिल्ली की रहने वाली जस्सी 'जुगनी' के बारे में कहतीं हैं, "मैं अपने तीसरे ट्रिप में भी जुगनी के साथ ही जा रही हूँ, यह बहुत सुरक्षित है."
'महिलाओं के लिए, महिलाओं का'

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भारत में कई ऐसी ट्रैवल एजेंसियां हैं, जो सिर्फ़ महिलाओं को टूर कराती हैं. लेकिन वे महिलाएं ही चलाती हैं. मसलन, 'वूमेन ऑन क्लाउड्स'. इसे शिरीन ने शुरू किया था.
सुमित्रा सेनापति ने क़रीब आठ साल पहले ऐसा ही एक ट्रैवल क्लब बनाया था, जिसका नाम है, ‘वाउ’ यानी 'विमेन ऑन वांडरलस्ट'.

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ट्रैवल कंपनी केसरी ने घुमक्कड़ महिलाओं के लिए ख़ास ‘माई फ़ेयर लेडी’ टूर पैकेज पेश किए हैं. इसके तहत महिलाओं को देश-विदेश की कई जानी-अनजानी मंजिलों की सैर कराई जाती है.
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