'मेरे बच्चे दुनिया के सबसे ख़ूबसूरत बच्चे थे'

तुर्की के तट पर सीरिया के जिस तीन वर्षीय बच्चे के शव की तस्वीर ने दुनिया को झकझोर दिया है, उसके पिता ने अपनी आपबीती बीबीसी को सुनाई है.

तीन वर्षीय अयलान कुर्दी अपने माता पिता के साथ यूरोप की तरफ जाने वाले प्रवासियों में शामिल था.

लेकिन नौका पटल गई. इस हादसे में वो, उसकी मां और एक भाई समेत कई लोग मारे गए. लेकिन अयलान के पिता बच गए.

हज़ारों सीरियाई नागिरक विदेशों में नई ज़िंदगी की उम्मीद में देश छोड़ रहे हैं. अब्दुल्ला का परिवार भी इनमें से एक था.

'सब डूब गए'

अलान कुर्दी और उनका भाई ग़ालिब

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अयलान के पिता अब्दुल्ला ने बताया कि ग्रीस के कोस द्वीप के लिए तुर्की से विदा होने के थोड़ी देर बाद ही समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगीं और कप्तान नाव को डूबता छोड़कर भाग गया.

उन्होंने कहा, "मैंने अपने बच्चों और बीवी को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन एक-एक कर सब डूब गए."

अब्दुल्ला ने कहा, "मैंने नाव घुमाने की कोशिश की, पर तब तक एक दूसरी लहर ने उसे दूर धकेल दिया."

वे कहते हैं, "मेरे बच्चे दुनिया के सबसे खूबसूरत बच्चे थे. क्या कोई ऐसा आदमी है जिसके लिए उसके बच्चे सबसे ख़ूबसूरत न हों?",

अलान कुर्दी

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अब्दुल्ला इसके आगे कहते हैं, "मेरे बच्चे अद्भुत थे. वे रोज़ाना खेलने के लिए मुझे नींद से जगाते थे. इससे बेहतर क्या हो सकता है. पर अब सब ख़त्म हो गया है."

सीरिया छोड़ने को मजबूर अब्दुल्ला भारी मन से कहते हैं, "मैं अपने परिवार के लोगों की क़ब्र के पास बैठ कर रोना चाहता हूं ताकि मेरा दुख कुछ हल्का हो सके."

चार गिरफ़्तार

अब्दुल्ला कुर्दी

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अयलान, उनके पांच वर्षीय भाई ग़ालिब और मां रेहाना उन 12 सीरियाई नागरिकों में थे, जो दो नावों में सवार होकर कोस जा रहे थे. पर दोनों नावें डूब गईं.

तुर्की की समाचार एजेंसी दोगान ने ख़बर दी है कि स्थानीय पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्ध मानव तस्करों को गिरफ़्तार किया है.

गिरफ़्तार किए गए सभी लोग सीरियाई नागिरक है और उनकी उम्र 30 और 41 साल के बीच है.

समझा जाता है कि अयलान और उस समूह के दूसरे लोग सीरियाई शहर कोबानी के थे. ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी गुट के बढ़ते प्रभाव के बाद ये वहां से भाग कर तुर्की चले गए थे.

सीरिया में होगी अंत्येष्टि

तीमा कुर्दी, अब्दुल्ला कुर्दी की बहन

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तुर्की के एक अस्पातल ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि सभी शवों को तुर्की की राजधानी इस्तांबुल पंहुचाया जाएगा, वहां से उन्हें सीमा पर बसे शहर सुरुच ले जाएगा जाएगा.

इन लाशों को दफ़नाने के लिए सुरुच से कोबानी ले जाया जाएगा.

अब्दुल्ला की बहन तीमा कुर्दी कनाडा के वैंकूवर मे रहती हैं. उन्होंन कहा कि वे अब्दुल्ला और उनक परिवार को कनाडा लाना चाहती थीं.

पर उन्होंने पहले एक दूसरे भाई के लिए कोशिश की और उनकी अर्ज़ी ख़ारिज कर दी गई थी.

कनाडा के नागिरकता और अप्रवास विभाग का कहना है कि उसके पास अब्दुल्ला के परिवार की किसी अर्जी का रिकॉर्ड नहीं है.

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