कलबुर्गी हत्याकांड: सीबीआई जांच की सिफ़ारिश

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरू से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
कनार्टक सरकार ने जाने-माने कन्नड विद्वान एमएम कलबुर्गी की मौत की जांच सीआईडी से कराने की घोषणा के बाद, अब कहा है कि उसने पूरे मामले में सीबीआई की जाँच की सिफ़ारिश की है.
जब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से पूछा गया कि सीबीआई जांच की तो कोई मांग ही नहीं हुई थी, तो उन्होंने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमने सीबीआई से जांच की सिफ़ारिश की है. धार्मिक नेताओं ने सीबीआई की जांच की मांग की थी."
माना जा रहा है कि जब तक राज्य सरकार केंद्र को सीबीआई की जांच के बारे में लिखती है और औपचारिक तौर पर सीबीआई जांच शुरु होती है, तब तक सीआईडी इस मामले में अपनी जांच जारी रखेगी.
हम्पी कन्नड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ एमएम कलबुर्गी की रविवार तड़के उनके घर में घुसकर, गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
उधर मंगलोर की पुलिस ने इससे अलग घटना में, बजरंग दल के एक स्थानीय नेता को गिरफ़्तार किया है.
उन पर आरोप है कि उन्होंने ट्वीट कर एक अन्य कन्नड लेखक केएस भगवान को जान से मारने की धमकी दी थी.
पुलिस ने इस ट्वीट का स्वतः संज्ञान लेते हुए बजरंग दल के नेता भुवित शेट्टी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था.
मूर्तिपूजा का विरोध
एमएम कलबर्गी कट्टरपंथी धार्मिक विचारों और अंधविश्वास के विरोधी थे और हाल ही में उन्होंने मूर्तिपूजा के ख़िलाफ़ विचार व्यक्त किए थे जिन पर धार्मिक कट्टरपंथियों ने विरोध जताया था.
मूर्तिपूजा के प्रबल विरोध के कारण उनकी रूढ़िवादियों और हिंदूवादी संगठनों ने कई बार कड़ी आलोचना भी की थी.

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मुख्यमंत्री सिद्दरमैया कलबुर्गी को श्रद्धांजलि देने रविवार को धारवाड़ पहुंचे. उन्होंने अंतिम संस्कार में पूरी पुलिस सुरक्षा का बंदोबस्त करने का आदेश दिया.
डॉ कलबुर्गी को अंतिम श्रद्धांजलि देने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण कुछ देर के लिए अंतिम संस्कार रोकना पड़ा भी था, फिर दोपहर को ये पूरा हो गया.
ग़ौरतलब है कि कलबर्गी को ऐसे ही एक बार तब कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा जब उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली लिंगायत समुदाय को हिंदू बताने का विरोध किया था.
उनका कहना था कि लिंगायत को हिंदू कहना सही नहीं क्योंकि भगवान बसेश्वरा ने वीरशैव की शुरुआत करते हुए खुद को हिंदू धर्म की जाति प्रथा से अलग कर लिया था.
एक और लेखक को धमकी
अभी ये मामला गर्म ही था जब बंतवाल तालुक के बजरंग दल के स्थानीय नेता भुवित शेट्टी ने कथित तौर पर एक ट्वीट कर एक अन्य लेखक केएस भागवन को जान की धमकी दे डाली.

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ट्वीट करते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया. इसके बाद जिस ट्विटर हैंडल @GarudaPurana से ट्वीट किया गया था उस अकाउंट को तुरंत ही डिलीट कर दिया गया.
मंगलोर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक शरनप्पा एनडी ने बीबीसी को बताया, ''हमने स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया. भुवित शेट्टी फरार थे लेकिन उन्हें अब गिरफ़्तार कर लिया गया है. हम उस ट्वीट को भी रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं.’’
फिलहाल केएस भागवन को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है.
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